बिहार

तक्षशिला कॉलेज ऑफ एजुकेशन में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर भव्य जागरूकता रैली

फुलवारीशरीफ, अजित। हिंदुनी स्थित तक्षशिला कॉलेज ऑफ एजुकेशन के तत्वावधान में बी.एड. प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं द्वारा गोनपुरा गांव में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

रैली का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में व्याप्त लैंगिक असमानता को दूर करना, बालिकाओं की शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना तथा महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था. कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षित बेटी ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव है।

सुबह 11 बजे कॉलेज परिसर से शुरू हुई यह रैली गोनपुरा गांव के विभिन्न मार्गों, बाजारों एवं मोहल्लों से होकर गुजरी. रैली में शामिल छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे तथा “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “पढ़ेगी बेटी, बढ़ेगा इंडिया”, “शिक्षित बेटी, सशक्त समाज” जैसे जागरूकता नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित कर रहे थे।

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रैली के दौरान छात्राओं ने घर-घर जाकर महिलाओं एवं किशोरियों से संवाद किया. उन्होंने बालिका शिक्षा के महत्व, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. छात्र-छात्राओं ने लोगों से बेटियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की अपील भी की।

इस अवसर पर कॉलेज के डायरेक्टर इकबाल अहमद ने कहा कि आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग बेटियों की शिक्षा को लेकर पूरी तरह जागरूक नहीं है. जबकि एक शिक्षित बेटी न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को शिक्षित और सशक्त बनाने का कार्य करती है. उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा में किया गया निवेश राष्ट्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण योगदान है. समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह बेटियों को आगे बढ़ने का समान अवसर प्रदान करे।

कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सविता सिन्हा ने ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो जीवन को नई दिशा और पहचान देता है. उन्होंने कहा कि बेटियों को विद्यालय भेजना किसी प्रकार का बोझ नहीं बल्कि परिवार और समाज के लिए गर्व की बात है. उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों को शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. गांव के पंच, मुखिया, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों ने भी रैली में भाग लेकर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया. ग्रामीणों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को समाज के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

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