बिहार

70 लाख फिरौती के लिए डॉक्टर का अपहरण, नौकरी दिलाने और परीक्षा पास कराने के नाम पर लेन-देन विवाद बना वजह…

फुलवारीशरीफ, अजित। जानीपुर थाना क्षेत्र में 70 लाख रुपये की फिरौती के लिए डॉक्टर के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) पटना के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत डॉक्टर को मात्र 24 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में समस्तीपुर जिले से तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं इस कांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 10 फरवरी 2026 को सूचना मिली कि जानीपुर थाना क्षेत्र स्थित आर्यभट्ट इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एवं पारा मेडिकल कॉलेज, रामपुर से डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी अपने घर राजीवनगर लौट रहे थे। घर लौटने के क्रम में रास्ते में कुछ अज्ञात अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद अपराधियों द्वारा परिजनों से 70 लाख रुपये की फिरौती की मांग की जाने लगी जिससे परिवार में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया। घटना की सूचना मिलते ही अपहृत के परिजनों द्वारा जानीपुर थाना में लिखित आवेदन दिया गया। आवेदन के आधार पर जानीपुर थाना कांड संख्या 45/26, दिनांक 10.02.2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 140(2)/3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) पटना के निर्देशन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी फुलवारीशरीफ-02 तथा जानीपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग तथा वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का सफल उद्भेदन कर लिया।

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छापेमारी दल ने समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मकसूदपुर गांव में सटीक सूचना के आधार पर छापेमारी कर अपहृत डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी, पिता ऋषिकेश तिवारी, निवासी कृष गार्डेन अपार्टमेंट, फ्लैट संख्या 303, थाना राजीवनगर को सकुशल बरामद कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र निवासी 52 वर्षीय रविन्द्र प्रसाद सिंह, 29 वर्षीय राकेश कुमार तथा 24 वर्षीय मनीष कुमार शामिल हैं। पुलिस गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ कर रही है तथा इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस अनुसंधान में यह भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि अपहृत डॉक्टर पर नौकरी दिलाने तथा परीक्षा में पास कराने के नाम पर कुछ लोगों से पैसे लेने का आरोप था। इसी आर्थिक लेन-देन को लेकर मनोज नामक व्यक्ति से उनका विवाद चल रहा था। जांच में यह बात सामने आई है कि मनोज द्वारा 70 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। आरोप है कि रकम नहीं मिलने पर मनोज ने समस्तीपुर के अपराधियों को सुपारी देकर अपहरण की साजिश रची और घटना को अंजाम दिलाया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर अन्य संलिप्त अपराधियों की पहचान की जा रही है। इस कांड में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है तथा जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा पुलिस ने किया है। इस कार्रवाई में जानीपुर थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक संजीव कुमार, सिपाही भरत भूषण कुमार राय, सिपाही रविन्द्र कुमार तथा नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) कार्यालय की डीआईयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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