फुलवारीशरीफ, अजीत। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में शुक्रवार को एमबीबीएस प्रथम प्रोफेशनल बैच 2026-27 के विद्यार्थियों के लिए कैडेवरिक शपथ समारोह का आयोजन किया गया. एनाटॉमी विभाग की ओर से आयोजित इस समारोह में नये मेडिकल विद्यार्थियों ने मानव शरीर के प्रति सम्मान, चिकित्सा के नैतिक मूल्यों और पेशेवर जिम्मेदारियों का पालन करने का संकल्प लिया. इस अवसर पर देहदान करने वाले लोगों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अमूल्य योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया. साथ ही विश्व एनाटॉमी दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित एनाटॉमी क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में एम्स पटना की डीन (एकेडमिक्स) प्रो. डॉ. पूनम प्रसाद भदानी और एनाटॉमी विभाग के शिक्षकगण मौजूद रहे. समारोह की शुरुआत देहदान करने वाले लोगों को पुष्पांजलि अर्पित कर की गयी. विद्यार्थियों ने उन महान लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा और भावी डॉक्टरों के प्रशिक्षण के लिए मृत्यु के बाद अपना शरीर दान करने का निर्णय लिया. वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में देहदान करने वाले लोग विद्यार्थियों के प्रथम गुरु होते हैं. उनके निस्वार्थ योगदान से मेडिकल छात्र मानव शरीर की संरचना को करीब से समझते हैं और चिकित्सा के व्यावहारिक ज्ञान की पहली सीढ़ी पार करते हैं.
इस अवसर पर एनाटॉमी विभाग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. एम. हक ने एमबीबीएस प्रथम प्रोफेशनल बैच 2026-27 के विद्यार्थियों को कैडेवरिक शपथ दिलायी. विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे मानव शरीर की गरिमा और सम्मान को हमेशा बनाए रखेंगे. चिकित्सा के नैतिक सिद्धांतों एवं पेशेवर जिम्मेदारियों का पालन करेंगे तथा चिकित्सा शिक्षा के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग मानवता की सेवा के लिए करेंगे। वहीं, विश्व एनाटॉमी दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित एनाटॉमी क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया. एमबीबीएस प्रथम प्रोफेशनल बैच 2025-26 के अनुभव दास और भाबेश कुमार खान की टीम ‘प्लेक्सस’ को प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया गया।
