कटिहार, (न्यूज़ क्राइम 24) जिले में कटे होंठ और तालु ग्रसित बच्चों की समय पर पहचान करने पर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार कराते हुए बच्चों को स्वस्थ्य और सुरक्षित किया जा रहा है। इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरबीएसके टीम के सहयोग से ग्रसित बच्चों की पहचान करते हुए ग्रसित बच्चों को विशेष अस्पताल भेजा जाता है। शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कटे होंठ और तालु से ग्रसित 10 बच्चों को ऑपरेशन कराते हुए सुरक्षित रखने के लिए मुजफ्फरपुर जिले के प्रशांत मेमोरियल अस्पताल रेफर किया गया है जहां चिकित्सकों द्वारा सभी बच्चों का उपचार किया गया है। अस्पताल से सभी बच्चों को उपचार के बाद स्वस्थ्य होने पर एम्बुलेंस द्वारा घर तक पहुँचाया जाएगा।
जिले के 10 कटे होंठ और तालु ग्रसित बच्चों की पहचान करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए भेजा गया है मुजफ्फरपुर प्रशांत मेमोरियल हॉस्पिटल :
आरबीएसके जिला समन्यवक डॉ प्रशांत कुमार झा ने बताया कि कटे होंठ और तालुओं से ग्रसित बच्चों का मुफ्त इलाज स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 कटे होंठ और तालु ग्रसित बच्चों की पहचान करते हुए निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए मुजफ्फरपुर प्रशांत मेमोरियल हॉस्पिटल भेजा गया है। सभी बच्चों को कटिहार जिले के सभी प्रखंडों में कार्यरत आरबीएसके टीम द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र और आंगनबाड़ी पोषक क्षेत्रों में चिन्हित करते हुए विशेष उपचार के लिए मुजफ्फरपुर रेफर किया गया है। मुजफ्फरपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सभी बच्चों का ऑपरेशन करते हुए उपचार किया गया है। उपचार के बाद स्वस्थ्य होने पर बच्चों को परिजनों सहित कटिहार जिला में घर तक पहुँचना सुनिश्चित किया जाएगा।
कटे होंठ और तालु ग्रसित बच्चों की पहचान होने पर जिला स्वास्थ्य विभाग को करें सूचित, स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क कराया जाएगा उपचार :
डॉ प्रशांत कुमार झा ने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों में कटे होंठ और तालु ग्रसित बच्चों को जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुरक्षित रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। इसके तहत ग्रसित बच्चों की जानकारी प्राप्त होने पर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरबीएसके टीम द्वारा बच्चों की जांच की जाती है। ग्रसित पाए गए बच्चों को स्वस्थ्य करने के लिए राज्य के विशेष अस्पताल को सूचित किया जाता है। अस्पताल से समय सुनिश्चित होने पर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों को परिजनों सहित एम्बुलेंस द्वारा विशेष अस्पताल रेफर किया जाता है जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों का उपचार किया जाता है। स्वस्थ्य होने पर बच्चों को एम्बुलेंस के माध्यम से ही जिले में लाभार्थियों के घर भेजना सुनिश्चित किया जाता है। इससे बच्चे अपने आगे की जिंदगी स्वस्थ्य और सुरक्षित परिवहन कर सकते हैं।
