बिहार

बायीं कनपटी में लगी गोली, दायीं कनपटी से निकली, एफएसएल खोलेगा मौत का राज

फुलवारीशरीफ, अजीत। डायल 112 में तैनात महिला आरक्षी श्रुति कुमारी के पति राज आर्या की मौत का मामला पुलिस के लिए अब भी कई सवाल छोड़ रहा है. बायीं कनपटी में लगी गोली दायीं ओर से निकलने के बाद पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि गोली किस स्थिति में चली और रिवाल्वर किसके हाथ में थी. प्रथम दृष्टया सिटी एसपी पश्चिमी ने इसे आत्महत्या बताया है, लेकिन मौत के अंतिम कारण और घटना की वास्तविक परिस्थितियों पर एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

पटना एम्स पहुंचे पुलिस ऑफिसर पोस्टमार्टम रूम के पास इस कांड की गुत्थी सुलझाने माथा पच्ची कर रहे थे और चिकित्सकों से बातचीत करके पूरी स्थिति को समझते हुए पड़ताल की जा रही थी.फिलहाल पुलिस के सामने आत्महत्या और किसी अन्य परिस्थिति में गोली चलने, दोनों पहलुओं की जांच के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना अहम है. एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम निष्कर्ष, बैलिस्टिक जांच, घटनास्थल के साक्ष्य और मोबाइल की तकनीकी जांच को एक साथ मिलाने के बाद ही पुलिस मौत की असली वजह तक पहुंच सकेगी. इसके बाद ही यह साफ होगा कि राज आर्या की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था।

मौत की गुत्थी सुलझाने में सबसे अहम कड़ी सर्विस रिवाल्वर की फोरेंसिक जांच होगी. एफएसएल टीम ने रिवाल्वर से जुड़े साक्ष्य सुरक्षित कर लिये हैं. रिवाल्वर पर मिले फिंगरप्रिंट, उस पर मौजूद अन्य निशान और गोली चलने के बाद बने अवशेषों की जांच की जाएगी. मृतक और महिला आरक्षी दोनों के हाथों से लिये गये नमूनों की भी जांच होगी. इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि गोली चलने के समय रिवाल्वर किसने पकड़ी थी और संबंधित व्यक्ति के हाथ पर फायरिंग के अवशेष मिले या नहीं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जांच की दिशा तय करेगी. चिकित्सक गोली के प्रवेश और निकास के स्थान, गोली की दिशा, शरीर के भीतर गोली के रास्ते और चोट की प्रकृति की जांच करेंगे. गोली कितनी दूरी से चली, इसका अनुमान भी फोरेंसिक और मेडिकल जांच से लगाया जा सकता है. यदि गोली बेहद नजदीक से चली होगी तो उसके निशान भी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनेंगे।

पुलिस यह भी जांच सकती है कि घटना के समय कमरे में दोनों की स्थिति क्या थी. कमरे से कोई संघर्ष के निशान मिले या नहीं, सामान अस्त-व्यस्त था या नहीं, खून के छींटों की दिशा क्या है और गोली या उसके खोखे की स्थिति कहां मिली. इन सभी बिंदुओं को घटनास्थल की जांच से मिलाकर देखा जाएगा. जरूरत पड़ने पर क्राइम सीन को फिर से तैयार कर यह समझने की कोशिश की जा सकती है कि गोली किस दिशा और किस कोण से चली।

जांच टीम मोबाइल फोन को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर चल सकती है. मृतक और महिला आरक्षी के मोबाइल की कॉल डिटेल, घटना से पहले की बातचीत, मैसेज और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा सकती है. घटना से पहले दोनों के बीच किसी विवाद, तनाव या बातचीत से जुड़े संकेत मिलते हैं या नहीं, इसकी भी पड़ताल होगी।

पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर सकती है. मकान मालिक, पड़ोसी और आसपास रहने वाले लोगों से यह जानने का प्रयास होगा कि घटना से पहले घर से किसी तरह की आवाज, विवाद या गोली चलने की आवाज कब सुनाई दी. इससे घटना के समय और घटनाक्रम का मिलान किया जा सकेगा।

घटना के बाद महिला आरक्षी के कपड़ों पर मिले खून के निशान भी जांच का हिस्सा हैं. कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है. खून के छींटों और उनकी स्थिति का मिलान घटनास्थल और पोस्टमार्टम निष्कर्ष से किया जाएगा. इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि गोली चलने के समय महिला आरक्षी और मृतक की स्थिति क्या थी।

पुलिस सर्विस रिवाल्वर से चली गोली और घटनास्थल से बरामद गोली या उसके हिस्सों की बैलिस्टिक जांच भी करा सकती है. इससे यह पुष्टि होगी कि बरामद गोली उसी रिवाल्वर से चली थी या नहीं. हथियार की तकनीकी स्थिति की भी जांच की जा सकती है कि उसमें किसी तरह की खराबी या छेड़छाड़ तो नहीं थी।

दरअसल, डायल 112 में तैनात महिला आरक्षी श्रुति कुमारी के पति राज आर्या की सोमवार को विक्रम थाना क्षेत्र स्थित किराये के मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गयी. गोली महिला आरक्षी की सर्विस रिवाल्वर से चली थी. गंभीर हालत में राज आर्या को इलाज के लिए एम्स पटना लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी पश्चिमी और डीएसपी एम्स पहुंचे. एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू की. टीम ने महिला आरक्षी और मृतक के अंगुलियों के निशान लेने के साथ सर्विस रिवाल्वर से जुड़े आवश्यक साक्ष्य भी जुटाये।

एफएसएल की जांच और रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगा कि राज आर्या की मौत आत्महत्या से हुई या गोली मारकर उसकी हत्या की गयी. घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल गोली लगने की दिशा को लेकर उठ रहा है. मृतक की बायीं कनपटी में गोली लगी और गोली दायीं ओर से निकल गयी. इस परिस्थिति को लेकर जांच टीम विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन कर रही है. हालांकि सिटी एसपी पश्चिमी ने प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला बताया है. वहीं, अंतिम निष्कर्ष एफएसएल जांच और पुलिस की विस्तृत छानबीन के बाद ही सामने आएगा.

घटना के बाद महिला आरक्षी श्रुति कुमारी अपने पति राज आर्या को लेकर एम्स पहुंची थी. उसके कपड़ों पर खून के निशान भी थे. पुलिस ने महिला आरक्षी को एफएसएल की टीम के वाहन में बैठाकर रखा, जहां उससे घटना के संबंध में पूछताछ की गयी. एफएसएल टीम ने उसके अंगुलियों के निशान और कपड़ों समेत अन्य आवश्यक साक्ष्य भी सुरक्षित किये। मृतक के पिता भी घटना की सूचना मिलने के बाद एम्स पहुंच गये. पुलिस की निगरानी में वह अपने बेटे के शव के पास रहे. पुलिस ने बाहरी और अनजान लोगों को शव के पास जाने की अनुमति नहीं दी. महिला आरक्षी से भी बिना पुलिस की अनुमति किसी को मिलने या बातचीत करने नहीं दिया गया।

डीएसपी ने महिला आरक्षी से घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी ली. पूछताछ के दौरान महिला आरक्षी ने मीडिया से कुछ भी बताने से इनकार कर दिया. पुलिस के अनुसार राज आर्या अपनी पत्नी के साथ ही रहता था. दोनों की कोई संतान नहीं थी. राज आर्या कोई नौकरी या काम नहीं करता था। बताया गया कि सोमवार को महिला आरक्षी ड्यूटी पर भी नहीं गयी थी. पति-पत्नी दोनों घर में ही थे. इसी दौरान गोली चलने की घटना हुई. घर के अंदर सर्विस रिवाल्वर से गोली चलने और उसके बाद राज आर्या की मौत को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है. पुलिस घटना के समय घर में मौजूद परिस्थितियों, रिवाल्वर की स्थिति, गोली की दिशा और फोरेंसिक साक्ष्यों को जांच का आधार बना रही है. एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण और घटना की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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