समालखा, धर्मवीर शर्मा : शहर में गाड़ियों पर ‘Govt. Of India’ की पट्टियां, कथित फर्जी नंबर प्लेट और हूटर लगाकर आम लोगों पर रौब जमाने के मामले ने सनसनी मचा दी है। ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अर्टिगा और सियाज समेत दो गाड़ियों को कब्जे में लिया है। मामले में पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एक सूचना और खुल गया ‘फर्जी सरकार’ का राज!
पुलिस के अनुसार 4 अक्टूबर को समालखा ट्रैफिक जोन इंचार्ज एएसआई सतीश कुमार अपनी टीम के साथ हथवाला रोड पुल के पास वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि कृष्णा कॉलोनी निवासी राहुल कथित तौर पर अपनी अर्टिगा पर फर्जी सरकारी नंबर प्लेट लगाकर खुद को अधिकारी बताता है और लोगों पर रौब जमाता है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने हथवाला रोड स्थित एसएफसी होटल के पीछे गली में दबिश दी। मौके पर खड़ी अर्टिगा को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। कार के पिछले बंपर पर लाल अक्षरों में ‘Govt. Of India’ लिखा हुआ था।पास ही खड़ी दूसरी सियाज कार पर भी ‘Govt. Of India PBSM Ministry’ लिखी लाल-पीली प्लास्टिक प्लेटें लगी मिलीं।
ई-चालान मशीन ने खोला नंबर प्लेट का राज पुलिस ने दोनों गाड़ियों के नंबर ई-चालान मशीन से चेक किए तो कथित तौर पर रिकॉर्ड ही नहीं मिला। इसी बीच आजाद नगर निवासी राजबीर मौके पर पहुंचा और दोनों गाड़ियों को अपना बताया।पुलिस ने जब असली आरसी मांगी तो वह दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने वाहनों को अनलॉक करवाकर चेसिस नंबर से जांच की। जांच में एक गाड़ी पर HR06GV-7574 नंबर की सरकारी प्लेट लगी मिली, जबकि वाहन का वास्तविक पंजीकरण अलग पाया गया।
पुलिस के मुताबिक यह वाहन राहुल के नाम पर दर्ज है, जबकि दूसरी कार राजबीर के नाम पर पंजीकृत मिली।
गाड़ियों में लगे थे हूटर, पुलिस ने लिया कब्जे में
जांच के दौरान दोनों वाहनों में अनधिकृत सायरन/हूटर लगे होने की बात भी सामने आई। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने मामले की सूचना समालखा पुलिस चौकी को दी।
एएसआई अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और वाहनों व दस्तावेजों की जांच की। पुलिस शिकायत के आधार पर राजबीर अरूफ राजू और उसके बेटे राहुल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
समालखा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 204, 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 345(3) तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 119/190(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।अब पुलिस जांच में यह सामने आना बाकी है कि फर्जी सरकारी पहचान वाली इन गाड़ियों का इस्तेमाल कहां-कहां और किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
