रामपुर, अवनीत कुमार शर्मा : गंज थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया। शनिवार की शाम करीब 65 साल की बुज़ुर्ग महिला लाडो चारपाई पर बैठी हुई थी दो दिन से हो रही तेज़ बारिश के चलते कच्चे मकान की छत अचानक भर भराकर नीचे गिर गई उस समय महिला चारपाई पर बैठी हुई थी छत का मलबा महिला के ऊपर गिर गया जिससे महिला की मौत हो गई।
हादसे के बाद चीखपुकार मच गई परिवार की चीखें सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुच गए मलबे में दबी महिला को बाहर निकाला लेकिन जब तक महिला की मौत हो चुकी थी।हादसे की ख़बर फैलते ही गांव में शौक की लहर दौड़ गई।
महिला का काफी समय से कच्चा मकान था परिवार में महिला का एक बेटा था जो मजदूरी कर के परिवार का पालन पोषण करता है।गरीब बेटा परिवारके लिए पक्का मकान नहीं बना सका।मकान की छत कई सालों से काफी खस्ता हालत में थी। बारिश के दौरान अचानक छत गिरने से महिला की मौत हो गई।
सरकार दावे कर रही है कि गरीब परिवारों को पक्के मकान दिए हैं। गांव में आज भी सैकड़ों मकान कच्चे हैं। जिनको आज तक सरकार द्वारा आवास नहीं दिए गए हैं। गरीब परिवार पक्का मकान बनवाने के लिए सरकारी कार्यालय के चक्कर काट काटकर थक जाते हैं लेकिन उनको सरकार द्वारा मकान नहीं दिए जाते हैं। गांव में मकान उन्ही लोगों को प्रधान द्वारा अधिकारियों से सांठगांठ कर के दिए जाते हैं जिन लोगों के पहले से पक्के मकान बने होते हैं और वो ज़मीन के मालिक भी होते हैं। क्योंकि गांव में वोट का खेल होता है जिस व्यक्ति ने प्रधान को वोट नहीं दिया वो कितना भी करीब क्यों ना हो उसको सरकार की योजनाओं से दूर रखा जाता है।
जो पहले से पक्के मकान और ज़मीदार होते हैं और उन्होंने प्रधान को वोट दिया है तो उसको सरकार की योजनाओं का लाभ प्रधान द्वारा दिलाया जाता है। इस घटना ने एक बार फिर गरीब परिवारों के सामने सुरक्षित आवास की समस्या को उजागर कर दिया है। सरकार की ओर से गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी काफी परिवार कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं।
