पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ (Ayurveda for a Healthier Tomorrow) थीम के तहत क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, अगमकुआं में प्रदर्शनी सह मिनी एक्स्पो एवं पारंपरिक व्यंजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आयुर्वेद, पारंपरिक एवं पौष्टिक आहार, मिलेट्स (श्रीअन्न) और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. कृष्णा पाण्डेय, निदेशक, आईसीएमआर आरएमएनआईएचआर द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रभारी डॉ. बनमाली दास ने आयुर्वेद में वर्णित पारंपरिक एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय पारंपरिक आहार पद्धति में स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों तथा विभिन्न प्रकार के अनाज का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने संतुलित एवं पौष्टिक आहार को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार बताया।
प्रदर्शनी एवं मिनी एक्स्पो में स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों, मोटे अनाज (मिलेट्स) और अन्य पौष्टिक सामग्री से तैयार विभिन्न व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया। लोगों को इन खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त सामग्री, उनके पोषण संबंधी महत्व और स्वास्थ्यवर्धक गुणों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही दैनिक आहार में पारंपरिक एवं पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों एवं आम लोगों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय जांच भी की गई। चिकित्सकों ने आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया तथा जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया गया। इसके अलावा आयुर्वेद, पोषण, रोग-निवारण एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित पुस्तकों और सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री का वितरण किया गया।
मिनी एक्स्पो के माध्यम से इस बात पर जोर दिया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली भी महत्वपूर्ण है। लोगों को आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप ऋतु एवं प्रकृति के अनुसार आहार-विहार अपनाने और दैनिक जीवन में पौष्टिक एवं संतुलित आहार को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर आयुर्वेद दिवस के नोडल अधिकारी डॉ. बालाजी पोटभरे, डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.), डॉ. रितिका मिश्रा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) एवं डॉ. कुमारी अर्चना, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) सहित संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में मरीजों, उनके परिजनों एवं आम लोगों ने प्रदर्शनी और मिनी एक्स्पो में रुचि के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से पारंपरिक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों तथा आयुर्वेद आधारित स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
