फुलवारीशरीफ, अजीत। पिपरा थानाध्यक्ष पर शराबबंदी के नाम पर आम लोगों को बेवजह पकड़कर थाने लाने, मारपीट करने और कार्रवाई का विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. मामले को लेकर भाकपा माले पुनपुन प्रखंड कमिटी ने मसौढ़ी के अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग की है. पार्टी ने 25 सितंबर को दोपहर 12 बजे अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने की सूचना दी है. उसकी जानकारी पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने दी है.भाकपा माले पूर्व विधायक गोपाल रविदास का कहना है कि पिपरा थानाध्यक्ष की कथित कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है और इससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. पार्टी ने पूरे मामले की जांच कराने और थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग की है।
भाकपा माले प्रखंड कमिटी के अनुसार 12 सितंबर की शाम पिपरा थाना की गश्ती टीम राजघाट नवादा पहुंची थी. आरोप है कि पुलिस टीम सुरेश महतो की मछली की दुकान पर पहुंची और शराब बेचने की बात कहते हुए जांच की. सुरेश महतो और वहां मौजूद किरण चंदा कुमारी ने पुलिस को दुकान की जांच करने की बात कही. आरोप है कि इसके बाद थानाध्यक्ष ने दोनों के साथ गाली-गलौज की और पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले गये।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि थाने में पहले से पांच-छह अन्य लोगों को भी पकड़कर रखा गया था. कुछ देर बाद खुशबू कुमारी भी थाना पहुंची, जहां उसे भी पकड़ लिया गया. भाकपा माले का आरोप है कि सुरेश महतो के साथ थाने में मारपीट की गयी, जिससे उनका हाथ टूट गया. उनकी पत्नी किरण देवी और दो बेटियों के साथ भी मारपीट और दुर्व्यवहार किये जाने का आरोप लगाया गया है. बाद में सभी को थाने से छोड़ दिया गया। भाकपा माले पुनपुन प्रखंड कमिटी की ओर से नरेंद्र शर्मा ने 22 सितंबर को अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर 25 सितंबर को दोपहर 12 बजे प्रदर्शन किये जाने की सूचना दी है. पार्टी ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
