बिहार

बिहार के गन्ना किसान देश के विभिन्न गन्ना संस्थानों में सीख रहे उन्नत गन्ना उत्पादन तकनीक

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) गन्ना किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक गन्ना उत्पादन तकनीकों से जोड़ने तथा उनकी तकनीकी क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम के तहत किसानों के लिए देश के विभिन्न संस्थानों में भ्रमण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

माननीय गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रयोगशाला से खेत तक वैज्ञानिक तकनीकों को पहुंचाना विभाग का संकल्प है। बिहार के गन्ना किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। देश के प्रमुख गन्ना अनुसंधान संस्थानों में आयोजित प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर विजिट किसानों को नवीनतम तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से समझने और अपने खेतों में अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं। प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी ज्ञान का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना विभाग का उद्देश्य है।

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में 21 से 25 सितंबर तक पांच दिवसीय भ्रमण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम-

पटना, अरवल, जहानाबाद, नालंदा जिलों से चयनित 20 प्रगतिशील गन्ना किसानों के लिए भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर), लखनऊ में पांच दिवसीय भ्रमण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 25 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईएसआर, लखनऊ के निदेशक द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को उन्नत एवं क्षेत्र के अनुकूल गन्ना प्रजातियों के चयन, गुणवत्तापूर्ण एवं रोगमुक्त रोपण सामग्री की तैयारी, उत्पादन लागत में कमी तथा उत्पादकता एवं चीनी परता बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

किसानों को टिशू कल्चर तकनीक से गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री का उत्पादन, सिंगल बड एवं बड चिप नर्सरी तकनीक, बीज उपचार, स्वस्थ रोपण सामग्री का प्रबंधन तथा समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन के बारे में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन, मल्चिंग, खूंटी फसल का वैज्ञानिक प्रबंधन, कृषि यंत्रिकरण एवं आधुनिक कृषि मशीनों का उपयोग, जल प्रबंधन एवं सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों की भी जानकारी दी जा रही है।

किसानों को संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों एवं प्रायोगिक प्रक्षेत्रों का भ्रमण भी कराया जाएगा, जिससे वे वैज्ञानिक तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।

वहीं, भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर जिलों के 20 गन्ना किसानों’’ का दल ’’उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर में आयोजित 19 से 23 सितंबर तक के एक्सपोजर विजिट-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहा है। सहायक निदेशक, ईख विकास, भोजपुर (आरा) श्री संजय कुमार के नेतृत्व में किसानों का दल 18 सितंबर को आरा स्टेशन से श्रमजीवी एक्सप्रेस द्वारा शाहजहांपुर के लिए रवाना हुआ।

पश्चिमी चंपारण के किसान करनाल में ले रहे प्रशिक्षण

पश्चिमी चंपारण जिले के 40 गन्ना किसानों का दल 21 से 25 सितंबर तक करनाल स्थित गन्ना प्रजनन संस्थान में प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम में भाग ले रहा है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को उन्नत गन्ना प्रजातियों, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन एवं प्रबंधन, गन्ना उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है।

किसानों को संस्थान के अनुसंधान एवं प्रायोगिक कार्यों से अवगत कराने के साथ-साथ उन्नत बीज सामग्री के चयन, बीज उपचार, फसल प्रबंधन तथा गन्ने की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाने से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की जा रही है।

इन भ्रमण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को देश के प्रमुख गन्ना अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थानों में विकसित नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों से परिचित कराना, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देना तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर गन्ने की उत्पादकता, गुणवत्ता एवं चीनी परता में वृद्धि के लिए किसानों की तकनीकी क्षमता को मजबूत करना है।

गन्ना उद्योग विभाग द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर विजिट के माध्यम से किसानों तक अनुसंधान आधारित तकनीकों को पहुंचाने और उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि बिहार में गन्ना उत्पादन को अधिक वैज्ञानिक, लागत प्रभावी एवं टिकाऊ बनाया जा सके।

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