पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने आज पटना स्थित अपने आवास 01, पोलो रोड में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति चिंताजनक है, सरकार में बैठे हुए लोग बेतुका बयानबाजी कर रहे हैं। सरकार के स्तर से अपराधियों पर कार्रवाई की दिशा में गंभीरता नहीं दिख रही है और जिस तरह से जमुई में घटना हुई है उससे पूरा बिहार शर्मसार हुआ है, और देश भर में बिहार की थू थू हो रही है। इन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी ने कहा था कि महिलाओं और बच्चियों के साथ अगर ऐसी घटना बिहार में कहीं भी होती है,तो मैं सुबह होते ही इस्तीफा दे दूंगा।
अगर मुख्यमंत्री जी अपनी जुबान पर कायम हैं, तो वह इस्तीफा दें। इन्होंने आगे कहा कि सत्ता पक्ष के लोग जमुई की घटना पर जिस तरह से बयान दे रहे हैं, इस घटना को जस्टिफाई करने के लिए यह ठीक नहीं है। इन्होंने जदयू के प्रदेश अध्यक्ष के बयान का वीडियो दिखाते हुए कहा कि वो इसे छिटपुट घटना बता रहे हैं, वही मंत्री श्रवण कुमार भी इसे छिटपुट घटना ही बता रहे हैं, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पिछली सरकार का दुहाई देकर मामले पर पर्दा डालना चाहते हैं । खेल मंत्री श्रेयसी सिंह इस मामले में मोरल पुलिसिंग की बात कर रही है। मैं पूछना चाहता हूं इन लोगों से की क्या इन लोगों के परिवार में ऐसी घटना होती तब भी वह ऐसी बातें करते।
इन लोगों को ऐसी बातें करने से पहले उस बच्ची के परिवार और उस बच्ची के पीड़ा को समझना चाहिए कि उन पर क्या गुजर रही होगी लेकिन इन लोगों को मामले को दिशाहीन करने के लिए इसी तरह की शर्मनाक बातें कहनी थी, और सरकार की हो रही फजीहत से ध्यान भटकाना था इसलिए ऐसी बातें करके बिहार को और शर्मसार कर दिया।
श्री तेजस्वी प्रसाद ने आगे कहा कि जमुई मामले में वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले को लोग जान पाए। और इस तरह की घटना जिससे पूरा बिहार शर्मसार हुआ है उसे मोरल पुलिसिंग और छिटपुट घटना बता कर ध्यान भटकाने की कार्रवाई की है उसके लिए इन लोगों को अविलंब बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए । ऐसी बातें कहना कल्पना से परे है और कहीं ना कहीं इस तरह के अपराध को जो घिनौनी और समाज को शर्मसार करने वाली है को सत्ता में बैठे हुए लोग किस तरह से पेश कर रहे हैं।
इन्होंने कहा कि जमुई के पुलिस अधीक्षक ने स्वयं कहा है कि सात से आठ अपराधी थे उन सबों पर कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसे अपराधियों को स्पीडी ट्रायल चला कर फांसी की सजा दी जाए। इस घटना पर सरकार को जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी क्या कर रहे हैं ,सभी लोग देख रहे हैं कि मुख्यमंत्री सिर्फ दिया जलाने और फोटो शुट करवाने का काम कर रहे हैं। इन्होंने कहा कि जिसने भी ऐसा अपराध किया है उसको सजा मिलनी चाहिए।
इन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी सत्ता में बने रहने के लिए और अपने परिवार की राजनीति को मजबूत करने के लिए बेतुका बयान देते हैं इसका कोई अर्थ नहीं है हम तो बार-बार कह रहे हैं की जो भी अपराधी है उसको फांसी पर चढ़ाया जाए क्योंकि ऐसी घटना में सात से आठ लोग शामिल रहे हैं, लेकिन किस तरह से सरकार में बैठे हुए लोग बातों को परोस रहे हैं यह समझने की जरूरत है। हमने तो पालीगंज में पुलिस कस्टडी में अजय मांझी की हत्या पर सरकार से सवाल किया है और सरकार में बैठे हुए लोग चुप्पी साधे हुए हैं, आखिर क्या कारण है की बिहार में पुलिस का स्टडी में 19 से अधिक लोगों की हत्या कर दी गई और इस पर सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आ रहा है। बिहार में हो रही हत्या महिलाओं पर अत्याचार और अन्य घटनाओं का अखबारों में छपे विवरण को पत्रकारों के सामने दिखाते हुए सवाल किया की क्या सरकार अपराधियों को गिरफ्तारी के मामले में इसी तरह से कार्य करेगी।
तेजस्वी ने आज सासाराम में पुलिस कस्टडी में अमरजीत यादव की हत्या के मामले को उनके परिवार के लोगों के साथ उठाकर न्याय की मांग की है और कहा कि किस तरह से पहले पुलिस ने उन्हें फंसाया और बाद में पुलिस कस्टडी में उनकी जान ले ली गई।
इस संबंध में मृतक अमरजीत यादव के चाचा छोटन ने घटना के संबंध में विस्तार पूर्वक बताया और कहा कि किस तरह से उनके भतीजा को पुलिस ने कस्टडी में मार दिया और 2 घंटे बाद पुलिस इधर-उधर घूमाती रही बाद में पता चला कि उनकी मौत हो गई है। तेजस्वी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल की ओर से मृतक अमरजीत यादव के परिवार को एक लाख रुपया दिया गया और साथ ही साथ सरकार से यह मांग की है कि इस मामले में संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और सासाराम जेल सुपरिंटेंडेंट को बर्खास्त किया जाए और उन पर एफआईआर दर्ज हो हत्या के मामले की।
तेजस्वी ने बिहार में किस तरह से पुलिस कस्टडी में हत्या हो रही है उसके संबंध में बताते हुए कहा कि पालीगंज में अजय मांझी, सीतामढ़ी में गुफरान आलम और तस्लीम अंसारी की हत्या कर दी गई, मधुबनी में रौशन यादव , कटिहार में राकेश कुमार, भोजपुर में भरत तिवारी, मुजफ्फरपुर में जगतवीर राय सहित 19 लोगों की हत्या पुलिस कस्टडी में कर दी गई। इन्होंने कहा कि जेल में और पुलिस कस्टडी में हत्या के मामले में बिहार नंबर वन है यह बातें स्वयं गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के जवाब में पार्लियामेंट में स्वीकार किया है। इन्होंने कहा कि अमरजीत यादव सहित पुलिस कस्टडी में जितनी भी हत्याएं की गई है
सभी की न्यायिक जांच हो और इस मामले में संबंधित जेल के सुपरिंटेंडेंट को बर्खास्त किया जाए और उन पर एफआईआर दर्ज हो। इन्होंने कहा कि जब बिहार का मुख्यमंत्री ही सात-सात हत्या का आरोपी हो और जहां कमीशन दो तबादला कराओ की नीति चल रही हो वहां पर कैसा कार्य होता होगा इसी से समझा जा सकता है। अब तो सीएम कार्यालय से थानेदार का भी तबादला हो रहा है और बिहार में तबादला उद्योग चल रहा है ।और कमीशन खोरी को उद्योग का दर्जा दे दिया गया है। इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ कांति सिंह, श्री जयप्रकाश नारायण यादव, राजद नेता श्री शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, पूर्व विधायक विजय मंडल, राजेश गुप्ता, राजेश यादव शामिल थे।
