कटिहार, (न्यूज़ क्राइम 24) बाढ़ की चुनौती के बीच कटिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने राहत, स्वास्थ्य और निगरानी—तीनों मोर्चों पर एक साथ अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को जिलाधिकारी की अगुवाई में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मौके पर उपलब्ध सेवाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
कुर्सेला प्रखंड के माल गोदाम रेलवे स्टेशन के समीप भी टीम ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहां संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे और स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगातार स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए पाया गया। प्रशासन की प्राथमिकता स्पष्ट है—बाढ़ के कारण विस्थापित या प्रभावित कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे।
एक दिन में 22 स्वास्थ्य कैंप, करीब 700 लोगों को इलाज :
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुल 22 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। मनिहारी में 5, अहमदाबाद में 5, कुर्सेला में 6 और बरारी में 6 शिविरों के माध्यम से लोगों की स्वास्थ्य जांच, विभिन्न बीमारियों का उपचार, दवा वितरण और स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।
इन शिविरों में एक दिन में करीब 700 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। प्रशासन द्वारा यह व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है कि पानी से घिरे अथवा सड़क संपर्क से प्रभावित इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध रहें।
जहाँ सड़क नहीं, वहां नाव बनी अस्पताल तक पहुंचने की राह :
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनाए रखने के लिए बोट एम्बुलेंस का संचालन किया गया। मनिहारी, अहमदाबाद, कुर्सेला और बरारी सहित प्रभावित क्षेत्रों में बोट एम्बुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य टीमों को जरूरतमंद आबादी तक पहुंचाया गया।
यह व्यवस्था खास तौर पर उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां जलजमाव या बाढ़ के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित है। प्रशासन का लक्ष्य है कि भौगोलिक बाधा स्वास्थ्य सेवा की बाधा न बने।
485 हैलोजन टैबलेट का वितरण, सांप काटने की घटना नहीं :
जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए मंगलवार को 485 हैलोजन टैबलेट का वितरण किया गया। स्वास्थ्य टीमों द्वारा लोगों को स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और बीमारी से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया गया।
राहत की बात यह रही कि मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सांप काटने की कोई घटना अथवा किसी अन्य अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। बावजूद इसके, स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
बाढ़ राहत से आगे बढ़कर अब पंचायतों के कायाकल्प की तैयारी :
मंगलवार की कार्रवाई की एक और खास बात रही – पंचायत सरकार भवन में जिला स्तरीय समन्वय बैठक। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को पंचायत स्तर पर बुलाकर योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की। इस पहल का उद्देश्य केवल बैठक करना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं को कागज से जमीन तक ले जाना है। पंचायतों में चल रही योजनाओं की वास्तविक स्थिति, लोगों की जरूरत और स्थानीय समस्याओं को सीधे समझने पर जोर दिया गया।
बिहार सरकार की पहल के तहत प्रस्तावित कायाकल्प योजना में प्रत्येक पंचायत में 10 महत्वपूर्ण योजनाओं का चयन कर उनका व्यापक सुधार और विकास किया जाना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि चयनित योजनाओं में ऐसा बदलाव हो, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण आबादी को मिले।
HWC और APHC के कायाकल्प पर विशेष फोकस
कायाकल्प अभियान में स्वास्थ्य विभाग के Health & Wellness Centres (HWC), अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (APHC) तथा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों को भी शामिल किया जाएगा।
जिन स्वास्थ्य केंद्रों में भवन, मरम्मत, आधारभूत सुविधाओं या अन्य स्तर पर सुधार की आवश्यकता है, उनका चयन कर Mission Mode में कार्य कराया जाएगा। उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित छोटे स्वास्थ्य केंद्र भी बेहतर भवन, बेहतर वातावरण और बेहतर सेवा के साथ लोगों की पहली पसंद बनें।
दो दिन में योजना चयन का निर्देश :
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर योजनाओं का चयन कर सरकार को प्रस्ताव भेजें तथा उसकी प्रति जिला स्तर पर उपलब्ध कराएं। इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी की अगुवाई में पंचायत स्तर पर योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी का स्पष्ट संदेश :
“बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए स्वास्थ्य एवं आवश्यक सेवाओं की बहाली में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। जहां सड़क से पहुंच संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक माध्यमों से सेवाएं पहुंचाई जाएं। साथ ही पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं का चयन इस तरह हो कि उसका सीधा और स्थायी लाभ आम लोगों को मिले।”
एक नजर में — आज की तस्वीर
•स्वास्थ्य एवं राहत गतिविधि/उपलब्धि
•स्वास्थ्य शिविर – 22
•उपचार/स्वास्थ्य सेवा प्राप्त लोग – करीब 700
•बोट एम्बुलेंस – 5
•हैलोजन टैबलेट वितरण – 485
•सांप काटने की घटना – कोई सूचना नहीं
•अप्रिय घटना – कोई सूचना नहीं
•योजना चयन की समय-सीमा- 2 दिन
बाढ़ के बीच तत्काल राहत से लेकर पंचायतों के दीर्घकालिक कायाकल्प तक कटिहार प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं और विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।
