पटनासिटी, (न्यूज़ क्राइम 24) विश्व फ़ोटोग्राफ़ी दिवस के अवसर पर फ़ोटो प्रदर्शनी ‘कैमरे में धड़कता शहर’ का आयोजन स्थानीय कंगन घाट स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र में संपन्न हुआ। फ़ोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन नागालैंड के राज्यपाल नन्द किशोर यादव ने किया। इस फ़ोटो प्रदर्शनी में शहर की राजनीतिक गतिविधियों, धार्मिक आयोजनों , ऐतिहासिक धरोहरों, खान-पान, प्राकृतिक आपदा एवं पशु-पक्षियों की दुनिया आदि से जुड़े लगभग पाँच सौ तस्वीरें प्रदर्शित की गई। प्रदर्शित तस्वीरों के प्रति दर्शकों ने काफ़ी रुचि दिखलायी। अपने स्वागत भाषण में प्रदर्शनी के संयोजक ज़ुल्कर नैन ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकट किया तथा एक फ़ोटो जर्नलिस्ट की चुनौतियों एवं समस्याओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ नागालैंड के राज्यपाल नन्द किशोर यादव एवं अन्य मंचस्थ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए श्री यादव ने कहा कि प्रस्तुत फ़ोटो गैलरी में प्रदर्शित तस्वीरें न केवल अपनी ओर ध्यान खिंचती हैं बल्कि हमारी चेतना पर भी बख़ूबी दस्तक देती हैं। उन्होंने आगे कहा कि कैमरा संचालन करते समय एक फोटो जर्नलिस्ट को समय परिस्थिति और भावनाओं को समेटने का एक बड़ा कार्य करना होता है।
इसमें चुनौती भी है और आनंद भी।उन्होंने आगे उद्गार व्यक्त करते हुए प्रदर्शनी-संयोजक जुलकर नैन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास व्यक्त किया कि आनेवाले समय में इनकी प्रतिभा एवं क्षमता का लाभ समाज को और भी व्यापक रूप में मिलेगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि मेयर सीता साहू एवं डिप्टी मेयर ने रश्मि चंद्रवंशी ने भी सभा को संबोधित किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में पटना साहिब विधायक व बिहार विधानसभा में सतारूढ़ दल के सचेतक रत्नेश कुशवाहा ने विश्व फ़ोटोग्राफ़ी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से सांस्कृतिक रूप से संपन्न पटना सिटी की विरासत को एक और आयाम मिलता है। उन्होंने आयोजन की सफलता पर आयोजकों को मुबारक़बाद दी तथा भविष्य में इससे भी बड़े पैमाने पर फ़ोटो प्रदर्शनी लगाने की कामना व्यक्त की। सभा को अन्य प्रमुख लोगों में डॉ० अजय प्रकाश, रो०अभिषेक पैट्रिक, डॉ० एक़बाल अहमद आदि ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण पत्रकारिता में उच्च मानक स्थापित करने वाले तीन समकालीन फ़ोटोजर्नलिस्ट का सम्मान रहा। सम्मान पानेवालों में वरीय पत्रकार बिजॉय कुमार जैन को दुनिया के सबसे बड़े फ़ोटो जर्नलिस्ट हेनरी कार्टियर ब्रेसों की स्मृति में दिया जानेवाला लाइफ़टाइम अवार्ड प्रदान किया गया। इसी तरह से मशहूर फ़ोटोजर्नलिस्ट रुपेश सिन्हा तथा रवि गुप्ता को क्रमशः रघु राय शीर्ष पुरस्कार एवं कृष्ण मुरारी किशन स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विश्व फ़ोटोग्राफ़ी दिवस पर स्मारक लीफ़लेट का विमोचन किया गया।लीफ़लेट के संकलक- संपादक वरीय शिक्षाविद् विजय कुमार सिंह ने बताया कि इसमें विश्व फ़ोटोग्राफ़ी दिवस के बारे में जानकारी तथा पटना सिटी में इस आयोजन की पृष्ठभूमि और प्रयोजन पर चर्चा की गई है। इसी तरह,चौक अग्निकांड में प्रभावित परिवार विशेषत: नन्हे बच्चों के ईलाज़ एवं पुनर्वास में निर्धारित दायरे से बाहर जाकर मानवता का उच्च मिसाल पेश करने के लिए पटना सिटी के निर्वतमान अनुमंडल पदाधिकारी सत्यम सहाय, चौक थानाध्यक्ष राजकिशोर कुमार ,वरीय समाजसेवी- व्यवसायी शशिशेखर रस्तोगी एवं शांति समितिके वरीय सदस्य प्रफुल्ल कुमार पांडेय को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण विश्व फ़ोटोग्राफ़ी दिवस एवं नागालैंड पर आधारित ओपन क्विज़ रहा जिसमें विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। आयोजन में उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में पूर्व उपमहापौर संतोष मेहता, वार्ड-72 की पार्षद संध्या देवी,वार्ड 63 के पार्षद फ़ैयाज़ुर्रहमान फ़िरोज़, सैयद शाह मुनव्वर हसन,विजय कुमार यादव, राजेश बल्लभ, गोविंद कानोडिया, डॉ० भोला पासवान, रणजीत प्रभाकर, नवीन रस्तोगी, अंजनी कुमार मिश्रा,मसरूर आलम,राजेश शुक्ला टिल्लू,अन्नू कसेरा, अजय यादव, श्रवण प्रसाद, हर्षा मिश्रा, शाबिस्ता सैफ़, सागर कुमार, साहिल शंकर,शब्बीर ईमादी, शमीम राईन,राहुल रंजन, विक्रम कुमार, सैयद शाह शिराज़ी हुसैन, रूपेश कुमार, मो०साक़िब, मो०नोमान आदि शामिल रहे। फोटो प्रतियोगिता में शामिल नगर के प्रमुख विद्यालयों-जीसस एंड मेरी एकेडमी, सेंट पॉल्स इंटरनेशनल स्कूल,सुदर्शन सेंट्रल स्कूल, टूबाडे इंग्लिश स्कूल आदि के उन छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया जिन्होंने फ़ोटोग्राफ़ी प्रतियोगिता में अव्वल स्थान पाया। इसके साथ ही, कार्यक्रम को सफल बनाने वाले दर्ज़न-भर समाजसेवियों, संस्कृतिकर्मियों एवं पत्रकारों को भी अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन वरीय शिक्षाविद् विजय कुमार सिंह ने तथा धन्यवाद-ज्ञापन रो०रव्यांशु प्रीत ने किया।
