ख़ुशरूपुर, सुधांशु पांडे : सावन के तृतीय सोमवार को प्रदेश के सुप्रसिद्ध मंदिर श्री गौरी शंकर बैकुंठधाम में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई बड़े बड़े कांवरिया आए भोले की सरनमें ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे।लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा नदी एवं त्रिवेणी संगम से जल लाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
गंगा नदियों से जल लेकर पहुंचे कांवड़िएविभिन्न पवित्र घाटों और त्रिवेणी संगम से जल भरकर लौटे कांवड़ियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल और फल चढ़ाकर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की। कई प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी ताकि हर कोई आसानी से दर्शन कर सके।सुरक्षा के कड़े इंतजामभीड़ नियंत्रण के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए संवेदनशील इलाकों और प्रमुख मंदिर परिसरों की निगरानी की गई। स्वयंसेवकों और चिकित्सा टीमों ने भी जगह-जगह शिविर लगाकर श्रद्धालुओं की सहायता की। शाम को सभी प्रमुख मंदिरों में विशेष महाआरती और श्रृंगार का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे।
