उत्तराखंड, धर्मवीर शर्मा : के हल्द्वानी में दलित समाज से आने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमल्लिकार्जुन खड़गे जिस मंच से देश को संबोधित कर चुके हैं, उस स्थान पर भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा कथित रूप से गंगाजल और हवन के माध्यम से शुद्धिकरण किए जाने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और सामाजिक सिद्धांतों पर चोट करने का कार्य किया है। इस माध्यम से सरेआम दलितों का अपमान किया गया। हम इस घटना का विरोध करते हैं। पानीपत लघु सचिवालय के सामने कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के मध्यम द्वारा जोरदार प्रदर्शन करते हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया।
यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के सम्मान की नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान, समानता और संविधान के मूल्यों की लड़ाई है।भाजपा और आरएसएस के उन लोगों को समझना होगा कि भारत का संविधान किसी की जाति देखकर सम्मान देना या अपमान करना नहीं सिखाता। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जिस समानता और सामाजिक न्याय के लिए भारत का सपना देखा था, उसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
जो लोग समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति करते हैं, उन्हें देश की जनता करारा जवाब देगी।
नफरत और भेदभाव के खिलाफ हमारी आवाज बुलंद रहेगी।
सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई जारी रहेगी।
संविधान की रक्षा का संघर्ष जारी रहेगा।
