पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) समाहरणालय, पटना में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा, अत्याचार से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में विधानसभा सदस्य श्री श्याम रजक, विधानसभा सदस्य श्री अरुण मांझी, उप विकास आयुक्त श्री शुभम कुमार, समाज सेविका सुश्री सुधा वर्गीस सहित समिति के अन्य सदस्य एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
जिला कल्याण पदाधिकारी संजीव कुमार रतन ने सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत किए जा रहे कार्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अत्याचार से संबंधित हत्या के मामलों में मृतक के आश्रितों को प्राथमिकता के आधार पर पेंशन की स्वीकृति एवं भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।139 पेंशनरों को माह जून तक पेंशन भुगतान किया जा चुका है. बैठक में पीड़ित परिवारों को नियमानुसार देय सहायता उपलब्ध कराने तथा मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
बैठक में विशेष लोक अभियोजक को निर्देश दिया गया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों का नियमित रूप से अनुश्रवण करें तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करें, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके और पीड़ितों को समय पर न्याय प्राप्त हो।
विशेष लोक अभियोजक द्वारा बताया गया कि वर्तमान में अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत 1,357 मामले लंबित हैं। इस पर लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए विशेष ध्यान देते हुए प्रभावी एवं निरंतर अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में कबीर अंत्येष्टि योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि अब तक कुल 1,935 लाभुकों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है।
विधानसभा सदस्य श्री अरुण मांझी ने सुझाव दिया कि गरीब परिवारों को अंतिम संस्कार के समय मिलने वाली कबीर अंत्येष्टि योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि में वृद्धि का अनुरोध सरकार से एक प्रस्ताव भेज कर किया जाए। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के क्रम में विस्थापित गरीब परिवारों के पुनर्वास एवं उन्हें व्यवस्थित रूप से बसाने के लिए प्रभावकारी कार्ययोजना तैयार करने तथा इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
दिव्यांगजनों के UDID कार्ड बनाने में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनाने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए जिला स्तर पर साप्ताहिक रूप से कैंप लगा कर डॉक्टर जाँच कर रहे हैँ. बताया गया कि अब तक जिले में 30,757 UDID कार्ड जेनरेट किए जा चुके हैं, जबकि 12,618 आवेदन लंबित हैं। लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
अतिक्रमण हटाने से विस्थापित महादलित परिवारों के आवासन पर विशेष ध्यान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान यदि किसी महादलित परिवार के विस्थापित होने की स्थिति उत्पन्न होती है, तो ऐसे परिवारों के लिए आसपास के क्षेत्र में आवासन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए। सदस्यों ने कहा कि गरीब एवं वंचित परिवारों के पुनर्वास के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए।
बिना आधार कार्ड के भी विद्यालयों में होगा नामांकन
बैठक में सदस्यों द्वारा यह मुद्दा उठाया गया कि बच्चों के विद्यालय में नामांकन के समय आधार कार्ड की मांग की जाती है, जिससे कई जरूरतमंद बच्चों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
इस पर उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विद्यालय में नामांकन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। जिन बच्चों के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनका भी विद्यालय में नामांकन किया जाएगा। इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक जागरूकता एवं अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में निर्देश दिया गया कि अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार उनमूलन अधिनियम अंतर्गत जिन मामलों में पात्र आश्रितों को नौकरी दिया जाना है, उनमें आवश्यक कागजात एवं अन्य प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराते हुए योग्य आश्रित को नियमानुसार नौकरी उपलब्ध कराने की अग्रतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल
समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसी व्यक्ति के विरुद्ध अत्याचार या किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने पर पुलिस द्वारा तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। पीड़ितों को समय पर कानूनी एवं प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी प्राप्त होते ही संबंधित व्यक्ति अथवा उनके परिजन जिला कल्याण पदाधिकारी एवं वरीय अधिकारियों को तत्काल सूचना दें, ताकि नियमानुसार आवश्यक सहायता एवं कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के हितों एवं अधिकारों की सुरक्षा के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा पात्र लाभुकों को सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधाओं एवं सहायता का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराएं।
बैठक में इस समिति के सभी सदस्य एवं संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित थे।
