पटना, पीयूष कुमार प्रियदर्शी : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि Transparency, Technology and Trust यानी ‘Triple T’ से बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाकर सुशासन को नई मजबूती दी जाएगी। ज्ञान भवन में बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस का शुभारंभ करते हुए सीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कई बड़े ऐलान किए।
CM के 6 बड़े ऐलान:
- स्पेशल विजिलेंस कोर्ट: भ्रष्टाचार के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए बिहार के सभी 9 प्रमंडलों में विशेष निगरानी न्यायालय स्थापित होंगे।
- गवाहों को राहत: अपराध व आर्थिक अपराध के मामलों में सरकारी गवाहों को गवाही देने जाने पर परिवहन भत्ता दिया जाएगा।
- हर जिले में निगरानी थाना: प्रत्येक जिले में निगरानी थाना और सभी अनुमंडलों में निगरानी ओपी खोली जाएगी।
- जब्त संपत्ति में स्कूल: भ्रष्टाचारियों को चिन्हित कर उनकी जब्त संपत्ति व परिसरों में बिहार सरकार स्कूल संचालित करेगी।
- मंत्री से अफसर तक कार्रवाई: भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों, विधायकों और शीर्ष से निचले स्तर तक के अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
- एजेंसियों को स्मार्ट बनाएं: CM ने कहा कि आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी ब्यूरो ऐसी स्मार्ट कार्यप्रणाली विकसित करें कि ED और CBI को भी इनके सहयोग की जरूरत पड़े।
‘न्याय के साथ विकास’ का मंत्र:
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ बिना गड़बड़ी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, तभी न्याय के साथ विकास संभव है। उन्होंने ‘शॉर्टकट की संस्कृति’ छोड़कर ईमानदारी अपनाने की अपील की। स्कूलों में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों में नैतिक मूल्य विकसित किए जाएंगे।
कार्यक्रम की झलकियां:
सीएम ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के नए लोगो का अनावरण किया और विभाग की उपलब्धियों पर लघु फिल्म देखी। सभी मंत्रियों-अधिकारियों ने ईमानदारी और पारदर्शिता से काम करने की सतर्कता शपथ ली।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर, डीजीपी विनय कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित कई मंत्री और अधिकारी मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जिलों के डीएम-एसपी भी जुड़े।
