अररिया, रंजीत ठाकुर। श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर में माता दुर्गा की स्थापित प्रतिमा के आठवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय देवी भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा वाचिका राजयोगिनी बीके प्रभा दीदी ने मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप तथा महिषासुर वध की कथा का मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कथावाचिका ने कहा कि जब-जब संसार में अधर्म, अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब मां भगवती विभिन्न स्वरूपों में अवतरित होकर दुष्ट शक्तियों का संहार करती हैं और धर्म की स्थापना करती हैं। महिषासुर वध प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि बुराई कितनी भी प्रबल क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना से मनुष्य के जीवन में साहस, आत्मबल और धैर्य का संचार होता है। मां अपने भक्तों को भय, रोग और शोक से मुक्ति प्रदान कर उनके जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर देती हैं। राजयोगिनी बीके प्रभा दीदी ने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में संस्कार, संयम, सेवा और सदाचार को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन बीके अमन भाई ने किया, जबकि आयोजन समिति के सदस्यों ने कथा की सभी व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर कथा श्रवण करते रहे और पूरा मंदिर परिसर मां भगवती के जयकारों से गूंजता रहा।
इस अवसर पर अररिया जिला परिषद की उपाध्यक्ष चांदनी देवी भी कथा में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है तथा लोगों में संस्कार और धार्मिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि मां भगवती की कृपा से उन्हें कथा में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजयोगिनी बीके प्रभा दीदी समय-समय पर क्षेत्र में आकर लोगों को धर्म, संस्कार और सदाचार की शिक्षा देती रहेंगी। कथा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
