बिहार

तकनीकी शिक्षा में बिहार बनेगा अग्रणी राज्य, सीएम सम्राट चौधरी ने दिए नवाचार-रोजगार के निर्देश

पटना,  पीयूष कुमार प्रियदर्शी : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में बिहार को तकनीकी शिक्षा का हब बनाने का रोडमैप दिया। ‘संकल्प सभागार’ में हुई बैठक में सीएम ने साफ कहा – तकनीकी शिक्षा को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।”_

सीएम के 7 बड़े निर्देश:

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  1. हर पॉलिटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस:
    सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में चरणबद्ध रूप से “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” बनेगा। यहां विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों और उद्योगों की जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग मिलेगी।
  2. अनुसंधान के लिए स्पेशल प्लान:
    राज्य के तकनीकी संस्थानों में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।”_ विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग में नए विचारों-शोध को बढ़ावा देकर बिहार को अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य।
  3. कॉलेजों की ब्रांडिंग होगी:
    अभियंत्रण महाविद्यालयों और पॉलिटेक्निक की उपलब्धियों, लैब, प्लेसमेंट, छात्रों की सफलता पर उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो तैयार कर संस्थानों की विशिष्टताओं को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाए”_ ताकि ज्यादा छात्र आकर्षित हों।
  4. साइंस पार्क से जुड़ेंगे संस्थान:
    जिलों में बने विज्ञान केंद्रों और साइंस पार्कों के साथ तकनीकी संस्थानों का समन्वय होगा। छात्रों को विज्ञान-नवाचार के लिए विशेष कार्यक्रम चलेंगे।
  5. इंडस्ट्री से सीधा जुड़ाव:
    हर कॉलेज में रोजगार के लिए वर्कशॉप, सेमिनार, एक्सपर्ट लेक्चर अनिवार्य। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों तथा उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाने और विद्यार्थियों को अधिक से अधिक औद्योगिक अनुभव उपलब्ध हो, इसके लिये कार्य किया जाय।
  6. लैब-वेबसाइट अपग्रेड:
    सभी संस्थानों में लैब का आधुनिकीकरण, उपकरणों का नियमित उन्नयन हो। वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म अपडेट रखें ताकि छात्रों को सारी जानकारी ऑनलाइन मिले।
  7. टीचर ट्रेनिंग सेंटर:
    तकनीकी शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता संवर्द्धन के लिए समर्पित ट्रेनिंग सेंटर की संभावना पर काम हो।

सीएम का विजन: “बिहार में पढ़ो, बिहार में कमाओ
हमलोग चाहते हैं कि बिहार के बच्चे बिहार में ही पढ़ें और नौकरी एवं रोजगार प्राप्त करें।”_ सीएम ने कहा कि विभाग के सचिव श्री हिमांशु शर्मा ने प्रेजेंटेशन में नामांकन, प्लेसमेंट, आधारभूत संरचना और आगामी योजना की जानकारी दी।

बैठक में मौजूद: विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, सीएम के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी।

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