पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार में बालू की पर्याप्त भंडारण है, और आगामी तीन महीनों तक राज्य में निर्माण सामग्री की कोई कमी नहीं होगी। राज्य सरकार आगामी तीन महीनों तक अवैध खनन को लेकर सख्त निगरानी रखेगी जिससे मानसून के दौरान किसी तरह की विपरीत परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़े।
इस संबंध में माननीय खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा- बिहार सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्षा ऋतु के दौरान नदियों से बालू खनन पर प्रतिबंध पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन तथा नदी पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम है। विभाग द्वारा बालू की आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि आम नागरिकों एवं निर्माण कार्यों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। साथ ही, वैज्ञानिक अध्ययन एवं आधुनिक प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से राज्य में खनन गतिविधियों को अधिक पारदर्शी, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा रहा है।
बिहार सरकार पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा वैज्ञानिक एवं सतत खनन व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप बालू खनन के संचालन एवं प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरणीय स्वीकृति (Environmental Clearance) की शर्तों के आलोक में राज्य की नदियों से 15 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक बालू का खनन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रतिबंध अवधि के दौरान राज्य के विभिन्न कार्य विभागों, निर्माण एजेंसियों तथा आम नागरिकों को बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा स्टॉकिस्ट लाइसेंसधारियों एवं बालूघाटों के सेकेंडरी लोडिंग प्वाइंट्स के माध्यम से आपूर्ति की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि विकास कार्यों एवं निर्माण गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
साथ ही, पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत खनन व्यवस्था को और अधिक वैज्ञानिक आधार प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य की पाँच प्रमुख नदियों—सोन, किऊल, फल्गु, मोरहर एवं चानन—में सीएमपीडीआई (CMPDI) द्वारा बालू के पुनर्भरण (Sand Replenishment) का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है। इस अध्ययन के आधार पर भविष्य में खनन प्रबंधन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा पर्यावरण-सम्मत बनाया जाएगा। विभाग ने अपील की है कि इससे संबंधित जानकारी, अवैध खनन, अवैध परिवहन अथवा खनिजों से संबंधित किसी भी शिकायत अथवा सूचना के लिए विभाग के हेल्पलाइन नंबर 9472238821 पर संपर्क करें।
