पटना, नरेश अग्रवाल : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में JP गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गंगा पथ को सिर्फ सड़क नहीं, पर्यटन और संस्कृति का केंद्र बनाएं।
सीएम के 5 बड़े निर्देश:
- JP गंगा पथ बने पर्यटन हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि JP गंगा पथ को आधारभूत संरचना के साथ पर्यटन, मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। ये परियोजना पटना की नई पहचान बन सकती है और बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करेगी।
- कुर्जी घाट से काली घाट तक समग्र उद्यान
गंगा तट क्षेत्र के विकास के लिए कुर्जी घाट से काली घाट तक समेकित विकास योजना तैयार करने को कहा। यहां पर्यटकीय सुविधाएं, सार्वजनिक अवसंरचना, हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा।
- पाटलिपुत्र की गौरवगाथा लौटेगी
CM ने पाटलिपुत्र की प्राचीन गौरवगाथा और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। नई पीढ़ी और पर्यटकों के सामने इसे प्रभावी तरीके से पेश किया जाए।
- निरीक्षण भवनों का होगा कायाकल्प
सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवनों के बेहतर उपयोग के लिए PPP और DBOM मॉडल की संभावनाएं तलाशने के निर्देश। इन्हें आधुनिक सुविधाओं वाले अतिथि गृहों में बदला जाएगा।
- पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार
राज्य के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए समन्वित कार्ययोजना बने। इनकी सही और विस्तृत जानकारी का देश-विदेश में व्यापक प्रचार हो ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक बिहार आएं।
क्या हुआ बैठक में?
जल संसाधन सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने विभागीय परिसंपत्तियों, निरीक्षण भवनों की स्थिति, गंगा तट विकास और पर्यटकीय योजना पर प्रेजेंटेशन दिया।
सीएम ने कहा
ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक धरोहर और गंगा तट राज्य की अमूल्य संपदा हैं। इनका संरक्षण और विकास जरूरी है। सभी योजनाओं पर समयबद्ध कार्रवाई कर तेजी से काम पूरा करें।”_
बैठक में मौजूद रहे
CM के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, जल संसाधन सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, बुडको MD अनिमेश पराशर, नगर आयुक्त यशपाल मीणा सहित अन्य अधिकारी।
