शेखपुरा, उमेश कुमार : जिले में किसानों को समय पर और सरकार द्वारा तय मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में उर्वरक निगरानी समिति की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डीएम ने कई बड़े फैसले लिए।
लापरवाही पर को-ऑर्डिनेटर हटाए गए
समीक्षा के दौरान DM शेखर आनंद ने उर्वरक निगरानी समिति के समन्वयक विनय कुमार से पिछले 4 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड मांगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और कार्य में लापरवाही पाए जाने पर DM ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। साथ ही पिछली समिति से जुड़े सभी दस्तावेज 2 दिन के अंदर कार्यालय में जमा करने का आदेश दिया।
कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन
डीएम ने साफ कहा कि जिले के किसी भी किसान को MRP से अधिक दर पर उर्वरक नहीं मिलना चाहिए। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में 60 उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इसमें 4 दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया, 2 दुकानों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए और 1 दुकान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
6123 MT खाद स्टॉक में, 249 होलसेलर सक्रिय
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले में यूरिया, DAP, MOP, NPK और SSP का कुल 6123.164 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। जिले में 249 अधिकृत होलसेलर दुकानें संचालित हैं। डीएम ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र की हर दुकान की सघन जांच करें। कालाबाजारी या अनियमितता मिलने पर विक्रेता के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाएगी।
हर महीने होगी समीक्षा बैठक
डीएम शेखर आनंद ने कहा कि उर्वरक वितरण पर नजर रखने के लिए अब हर महीने समीक्षा बैठक होगी। किसी भी सूरत में किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी समेत उर्वरक विक्रेता और संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
