पटना, विक्रम कुमार : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को ‘संवाद’ में पटना मेट्रो, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप और जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान फेज-1 प्रोजेक्ट की उच्चस्तरीय समीक्षा की। CM ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि मेट्रो निर्माण में तेजी लाएं और सभी प्रोजेक्ट तय समय-सीमा में पूरे हों ताकि जनता को आवागमन में सुविधा मिले।
बैठक के 3 बड़े अपडेट :
- पटना मेट्रो पर CM सख्त :
नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने मेट्रो में आ रही तकनीकी-व्यावहारिक दिक्कतों, लागत बढ़ने और देरी के कारणों का प्रेजेंटेशन दिया। CM ने कहा- “मेट्रो निर्माण में जो भी कठिनाइयां हैं, जल्द दूर करें। काम में तेजी लाएं और जल्द पूरा करें।” - 11 सैटेलाज टाउनशिप :
शहरीकरण बढ़ाने के लिए प्रस्तावित 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की प्रगति और वैधानिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई। CM बोले- “इन टाउनशिप के विकास के लिए तेजी से कार्य करें। तय समय-सीमा के खाके पर चरणबद्ध काम हो।” - एयरपोर्ट के लिए PRT सिस्टम :
पटना एयरपोर्ट को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम PRT पर चर्चा हुई। CM ने कहा कि यह सिस्टम एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सुगम और निर्बाध कनेक्टिविटी देगा।
जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान :
पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि दीघा से सभ्यता द्वार गांधी मैदान तक 6 KM लंबा रिवर फ्रंट बनेगा। 25 सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इसमें क्या-क्या होगा :
पार्किंग, उद्यान, पैदल पथ, साइकिल ट्रैक, 6 खेल मैदान, महिला हाट, शहरी समूह।
CM ने कहा- “परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल रखते हुए ससमय पूरा करें। पार्किंग-खेल मैदान ऐसे बनें कि लोग आसानी से लाभ उठा सकें।”
CM ने किया स्थल निरीक्षण :
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ पर दीघा, LCT घाट, बांस घाट जाकर निर्माण कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिया- “सौंदर्यीकरण और विकास कार्य ऐसे हों कि लोग सुरक्षित भी रहें और आनंद भी उठा सकें।”
बैठक में मौजूद रहे :
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, वित्त ACS आनंद किशोर, नगर विकास प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल, CM के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि, सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, OSD डॉ. गोपाल सिंह, आयुक्त अनिमेष पराशर, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, DM डॉ. त्याग राजन एस.एम. समेत अन्य वरीय अधिकारी।
