पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय के कर्पूरी सभागार में बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता श्री शक्ति सिंह यादव ने प्रदेश प्रवक्ता सह विधान पार्षद डॉ उर्मिला ठाकुर, एजाज अहमद, उत्पल बल्लभ, अरुण कुमार यादव एवं अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता उपेंद्र चंद्रवंशी के साथ संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नारी वंदन के नाम पर भाजपा और एनडीए ने हैडलाइन मैनेजमेंट के लिए जो आक्रोश मार्च निकाला था उससे भाजपा का पोल खुल गया और एनडीए के अंदर एकता भी नहीं दिखी और जीविका दीदी को बहलावे में रखकर बुलाया गया भीड़ जुटाने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया जो कहीं से भी उचित नहीं है। महिला आक्रोश के नाम पर प्रतिबंधक्षेत्र कारगिल चौक के सड़क को घेर कर बीच सड़क पर मंच लगाकर भाजपा ने न सिर्फ सट्टा का दुरुपयोग किया बल्कि कानून का भी उल्लंघन किया और यह दिखा दिया की सत्ता के रौब में उनके द्वारा कुछ भी किया जा सकता है।
श्री शक्ति सिंह यादव ने आगे कहा कि भाजपा का महिला के प्रतिनिधित्व के प्रति कितनी चिंता रही है । इस तरह के आंकड़े से ही स्पष्ट हो जाता है । जहां लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने 29% महिला को टिकट दिया,वहीं विधानसभा चुनाव में 17% और और विधान परिषद में 21. 4% प्रतिनिधित्व है। इन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि वो सार्वजनिक करें की लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद में कितनी प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया है। महिला के सम्मान के नाम पर भाजपा सिर्फ राजनीतिक करती है यह बात पहले से ही स्पष्ट हो गया है। इन्होंने ने आगे कहा कि महिला आक्रोश मार्च में जनता दल यू की विधायक और पूर्व मंत्री लेसी सिंह रूठ कर चली गई, क्योंकि भाजपा ने उन्हें सम्मान नहीं दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिबंधित क्षेत्र में मंच सजाकर जो बातें कही उसके संबंध में किसी मीडिया ने उनसे यह नहीं पूछा कि आपने कानून का उल्लंघन करके किस तरह से रोड जाम कर लोगों के आवागमन को रोककर प्रतिबंधित क्षेत्र में महिलाओं के नाम पर राजनीति की है। भाजपा इस बात का जवाब नहीं दे रही है की महिला आरक्षण के नाम पर कोटा के अंदर कोटा देने से डर क्यों रही है। महिलाओं के आरक्षण में आरक्षण की व्यवस्था क्यों नहीं देना चाहती है, भाजपा को बताना चाहिए।
इन्होंने आगे कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि मणिपुर में जब महिला को नंगा करके घुमाया गया तब भाजपा और प्रधानमंत्री ने क्या किया। देश में जब महिला पहलवान के साथ शर्मसार करने वाली घटना हुई ,तब भाजपा चुप क्यों रही । उत्तर प्रदेश और बिहार में छोटी-छोटी बच्चियों के साथ अत्याचार ,व्यभिचार, बलात्कार की घटनाओं के बाद उनकी हत्या कर दी जा रही है तब भी भाजपा इस पर एक शब्द नहीं बोलती है। नारी वंदन के नाम पर भाजपा उत्तर और दक्षिण के राज्यों में विभेद पैदा करना चाहती थी और देश के संविधान को कमजोर करना चाहती थी।
जब 2023 में ही महिला आरक्षण बिल पास हो चुका था और 16 अप्रैल 2026 को इस पर राष्ट्रपति के मुहर इतने सालों के बाद क्यों लगी। नारी वंदन के नाम पर भारतीय जनता पार्टी ने जो राजनीति कि विपक्षी दलों की एकता से भाजपा बेनकाब हो गई और उसका पोल खुल गया। आखिर क्या कारण है कि जैसे ही इस बिल पर भाजपा की हार हुई तुरंत भाजपा ने इस पर विरोध प्रदर्शन करके यह दर्शा दिया कि उनकी मंशा महिलाओं को हक और अधिकार के प्रति नहीं बल्कि महिला के नाम पर राजनीति की थी। विपक्षी दल की चाहत थी कि आरक्षण में आरक्षण की व्यवस्था हो जिससे कि सभी वर्गों की महिलाओं को न्याय मिल सके और जो हासिये पर महिला समूह है उसको भी आगे बढ़ने का मौका मिले, लेकिन भारतीय जनता पार्टी इस मामले पर सिर्फ राजनीतिक करती है।
गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं की घरों की गणना हो रही है और घर में जाति नहीं होता है लेकिन शायद गृह मंत्री जी सच्चाई जानकर भी अंजान बने हुए हैं उनको यह बताना चाहिए कि जब आप किसी गांव टोले में जाएंगे तो आपको जाति के आधार पर ही बसावट देखने को मिलेगी। और लोग उस टोले और मुहल्ले को जाति के आधार पर चिन्हित करके बताते हैं। महिला आक्रोश के नाम पर जो राजनीति भाजपा ने आज कारगिल चौक पर की थी उसका पोल खुल गया ,क्योंकि जो महिलाएं आई थी उनके द्वारा तेजस्वी प्रसाद यादव जिंदाबाद के नारे लगाए गए और कुछ महिलाओं ने यह बताया कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए आए हैं इस तरह से यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा ने जिनको भी लाया था वह महिलाएं कहीं ना कहीं सत्ता के माध्यम से लाई गई थी और उनको राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया गया।
इन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय जनता दल ने देश की आजादी के बाद पहली बार बिहार में महिला मुख्यमंत्री के रूप में श्रीमती राबड़ी देवी जी को बनाकर महिलाओं को जो सम्मान दिया उसे भाजपा और एनडीए के लोग पचा नहीं पा रहे हैं। भाजपा को आज अंदाजा लग गया होगा कि वादाखिलाफी को बिहार की जनता बर्दाश्त नहीं करती है जहां इलेक्टेड मुख्यमंत्री को हटाकर सेलेक्टेड मुख्यमंत्री बनाया गया है वहां पर बिहार की जनता जवाब दे रही है। इन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझकर नारी वंदन के नाम पर संविधान संशोधन विधेयक लाने का काम किया था लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को कभी भी स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था ,क्योंकि भाजपा की राजनीति को देश की जनता पहचान चुकी है विपक्ष की नैतिक जिम्मेदारी थी देश के संविधान और एकता को बचाने की उसको विपक्षी दलों ने लोकसभा में बखूबी निभाया और देश में बाबा साहेब के संविधान को मजबूती प्रदान की। पश्चिम बंगाल के चुनाव में एक महिला मुख्यमंत्री को हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं से अपील कर रहे हैं क्या महिलाएं इस बात को स्वीकार करेंगी यह बात भाजपा को समझ लेना चाहिए कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के चुनाव को जीतने के लिए जो उन्होंने खेल खेला था उसे उन राज्यों की जनता अच्छी तरह समझ रही है।
