बिहार

प्रेमालोक मिशन स्कूल में साइबर ठगी : पीएम से लेकर डीजीपी तक गुहार, अब तक कार्रवाई नही

फुलवारीशरीफ, अजित। पटना के बैरिया स्थित प्रेमालोक मिशन स्कूल साइबर अपराध का शिकार हो गया है, जिसके बाद संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने देश के प्रधानमंत्री से लेकर बिहार के शीर्ष अधिकारियों तक गुहार लगाई है. मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी भी सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 11 बजे एक युवक डिलीवरी बॉय बनकर विद्यालय परिसर में प्रवेश करता है. उसने विद्यालय के स्टाफ सौरभ कुमार पाण्डेय से संपर्क किया और कुरियर देने के बहाने फोन रिसीव करने को कहा. जैसे ही फोन उठाया गया, कुछ ही देर में वह युवक हेलमेट पहने हुए मौके से फरार हो गया।

घटना के कुछ ही समय बाद पता चला कि विद्यालय का मोबाइल नंबर 9162441038 हैक कर लिया गया है. साथ ही उससे जुड़ा व्हाट्सएप भी साइबर अपराधियों के कब्जे में चला गया. इसके बाद अपराधियों द्वारा विद्यालय से जुड़े लोगों को मैसेज कर पैसों की मांग शुरू कर दी गई. इस दौरान स्नेहल कुमारी और सूरज कुमार से पैसे को लेकर तीखी बातचीत भी हुई, लेकिन उन्होंने भुगतान करने से इनकार कर दिया। घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा साइबर थाना राजवंशी नगर में शिकायत दर्ज कराई गई. मामले में कांड संख्या R-154/26 दर्ज किया गया है. थाना के इंस्पेक्टर से मुलाकात के दौरान कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

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विद्यालय के संस्थापक निदेशक प्रख्यात शिक्षाविद् सह शिक्षाविद गुरुदेव श्री प्रेम, जो भारतीय लोकहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, संचार मंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी, एसएसपी पटना सहित कई उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि साइबर अपराध पर सरकार की पकड़ कमजोर है और आम लोग लगातार ठगी का शिकार हो रहे हैं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पटना जिले में प्रतिदिन लगभग 50 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायतें सामने आ रही हैं और हर महीने करीब 500 मामले दर्ज किए जाते हैं. इसके बावजूद अपराधियों की गिरफ्तारी में कठिनाई बताई जा रही है.

प्रार्थी ने मांग की है कि विकसित देशों की तर्ज पर साइबर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और इस मामले की त्वरित जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए. उन्होंने कहा कि डिजिटल लेन-देन के इस दौर में व्यापारी वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है और सुरक्षा के अभाव में लोगों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है, जबकि पीड़ित पक्ष ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी उच्च स्तर पर आंदोलन करेंगे।

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