पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) भारत सरकार द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संभावित लोगों की समय पर टीबी स्क्रीनिंग की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के बनबमखी प्रखंड के धरहरा में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा उपस्थित लोगों की टीबी से सुरक्षित रखने के लिए स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सत्संग समारोह में उपस्थित 250 से अधिक टीबी संभावित लोगों की जांच करते हुए उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षण और सुरक्षा के लिए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सत्संग के दौरान उपस्थित 250 से अधिक संभावित लोगों के टीबी स्क्रीनिंग किया गया जिस दौरान 05 संभावित लोगों की टीबी ग्रसित होने की जानकारी मिली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी 05 लोगों की विशेष जांच के लिए बलगम एकत्रित करते हुए विशेष जांच के लिए भेजा गया। जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मोहम्मद तनवीर हैदर द्वारा सभी लोगों टीबी जांच और ग्रसित मरीजों की उपचार का विशेष मोनिटरिंग किया जा रहा है। डॉ तनवीर हैदर ने कहा कि समय पर जांच और संभावित लोगों का उपचार से लोग टीबी से सुरक्षित रहते हुए स्वस्थ्य जीवन का लाभ उठा सकेंगे।
तीन सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, खांसी में बलगम या खून का आना टीबी ग्रसित होने के हैं लक्षण : डॉ मो तनवीर हैदर
डॉ मो तनवीर हैदर ने कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय तक खांसी का होना, खांसी में बलगम या खून आना, छाती में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ का होना, बुखार, रात में पसीना आना, अत्यधिक थकान और भूख कम लगना, वजन का तेजी से गिरना आदि ग्रसित व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने से लक्षण हो सकते हैं। ऐसा लक्षण दिखाई देने पर लोगों द्वारा नजदीकी अस्पताल में बलगम की जांच करते हुए ग्रसित होने पर आवश्यक उपचार सुविधा का लाभ उठाना चाहिए जिससे कि लोग टीबी ग्रसित होने से सुरक्षित रहकर स्वस्थ्य जीवन का लाभ उठा सकें।
