दरभंगा, आशीष रंजन : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय अंतर्गत मारवाड़ी महाविद्यालय में “परिनियत सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी” का आयोजन महाविद्यालय के सेमिनार हाॅल में किया गया इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजय चौधरी ने इस कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया वहीं आए हुए सभी अतिथियों का अभिनंदन स्वागत गीतों द्वारा किया गया और मिथिला परंपरानुसार पाग, चादर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि रहे कुलपति ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन खुशी का दिन है सभी टीचर, नाॅन टीचींग स्टाफ और विधार्थी इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं, शिक्षक संघ का काम है समस्या को दूर कर सिस्टम बनाकर चलना यह जल की तरह चलते रहे शिक्षक संघ के बीच तनातनी नहीं होनी चाहिए सबके साथ मिलकर चलना है, शिक्षक और शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षक स्टूडेंट का मेंटर बने वह अनगिनत विधार्थियों का भविष्य बनाता है। उन्होंने आगे कहा कि जो भी रिटायर शिक्षक हैं वो काॅलेज में आए और मेंटर के रूप में कार्य करने के साथ मार्गदर्शन करने का भी काम करें। इस बार काॅलेजों की संख्या भी बढ़ रही है 30 काॅलेज बढ़ेगे। विश्वविद्यालय में जो भी समस्याएं हैं उसे धीरे – धीरे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के आयोजक सह सचिव कन्हैया जी झा ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रसन्नता का अवसर है लगातार 11 वर्षों से शिक्षक संघ अनवरत कार्य कर रही है पुराने शिक्षकों के हाथों से नये पीढ़ी के शिक्षकों के हाथों में यह कार्य अब जाएगी।
स्मारिका का हुआ विमोचन
वही मारवाड़ी महाविद्यालय की ओर से निकलने वाली पत्रिका स्मारिका का कुलपति प्रोफेसर संजय चौधरी ने विमोचन किया जो प्रत्येक वर्ष होता है।
वहीं अरूण कुमार महासचिव ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें पूर्वजों को याद करते हुए आगे बढ़ना है। 1967 से समान काम समान वेतन के लिए लड़ते आएं हैं और लड़ते रहेंगे। मिथिला विश्वविद्यालय मात्र एक ऐसा विश्वविद्यालय है जो पूरे बिहार को रौशनी दिखा रही है।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र – छात्र-छात्राओं को रिसर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया गया रिसर्च के कार्यो को डेवलप करने पर बल दिया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राज कुमार साह ने किया मंच का संचालन सोशियोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. सुनीता कुमारी ने की कार्यालय सचिव डॉ. अवधेश प्रसाद यादव, आयोजक सचिव डॉ. कन्हैया जी झा, अरूण कुमार, आतिथेय प्राधानाचार्य एल. पी. जायसवाल और दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय समेत सभी महाविद्यालय से सैकड़ों शिक्षक, विधार्थी और शोधार्थी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
