शेखपुरा, उमेश कुमार : आज लखींद्र पासवान, अपर समाहर्ता शेखपुरा की अध्यक्षता अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में आंतरिक संसाधन एवं राजस्व से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के राजस्व संग्रहण की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता व तेजी लाने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए गए। राजस्व एवं तकनीकी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। अपर समाहर्ता महोदय ने भूमि सुधार और राजस्व से जुड़े डिजिटल और भौतिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करें। दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस लंबित मामलों का समय सीमा के भीतर निपटारा करना सुनिश्चित करें ताकि आम जनता को कठिनाई न हो।
आधार सीडिंग और जमाबंदी: जमाबंदी को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। ई-मापी और भू-लगान: ऑनलाइन माध्यम से होने वाली मापी और लगान वसूली के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया गया। मांग वसूली और सेस, राजस्व की बकाया मांग और सेस वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने की हिदायत दी गई।अपर समाहर्ता ने नीलाम पत्रवाद के लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी नीलाम पत्रवाद पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि वे सप्ताह में अनिवार्य रूप से 2 दिन कोर्ट का संचालन करें। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी राशि की वसूली और लंबित वादों का त्वरित निष्पादन करना है।
अपर समाहर्ता महोदय ने जिला खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। उन्होंने टास्क फोर्स को सक्रिय करने और अवैध परिवहन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा। इन अधिकारियों की रही उपस्थिति बैठक में राजस्व प्रशासन से जुड़े जिले के तमाम वरीय अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जिला परिवहन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला खनन पदाधिकारी, सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी ,प्रशासनिक तंत्र को चुस्त-दुरुस्त करना और सरकारी राजस्व के लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करना रहा। अपर समाहर्ता ने चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
