फुलवारीशरीफ, अजीत। एम्स पटना के त्वचा रोग विभाग की प्रमुख डॉ. स्वेतालिना प्रधान को वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित यंग डर्मेटोलॉजिस्ट अवॉर्ड प्रदान किया गया है. यह सम्मान उन्हें डर्माकॉन 2026 के दौरान दिया गया, जिसका आयोजन 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक बेंगलुरु में किया गया था. यह राष्ट्रीय सम्मेलन इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिसट वेनेरियोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट की ओर से आयोजित किया गया था.

डर्माकॉन 2026 का विषय “एम्पावरिंग स्किन साइंस: इम्प्लिकेशंस, इंजेन्यूइटी एंड इन्क्लूसिविटी” रखा गया था, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित त्वचा रोग विशेषज्ञ, शोधकर्ता और चिकित्सक शामिल हुए. सम्मेलन के दौरान त्वचा रोगों से जुड़ी नवीन शोध, आधुनिक उपचार पद्धतियों और सामाजिक सरोकारों पर गहन चर्चा की गई.
यंग डर्मेटोलॉजिस्ट अवॉर्ड 45 वर्ष से कम आयु के उन चुनिंदा चिकित्सकों को दिया जाता है, जिन्होंने शैक्षणिक क्षेत्र, शोध कार्य, मरीजों की बेहतर देखभाल, संगठनात्मक योगदान और सामाजिक सेवा में उल्लेखनीय कार्य किया हो. डॉ. स्वेतालिना प्रधान को उनके उत्कृष्ट अकादमिक कार्य, प्रभावशाली शोध, मरीज-केंद्रित उपचार पद्धति और सामुदायिक सेवाओं में निरंतर योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया।
डॉ. प्रधान के नेतृत्व में एम्स पटना का त्वचा रोग विभाग शैक्षणिक गतिविधियों, क्लिनिकल सेवाओं और जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है. विभाग द्वारा आम मरीजों के साथ-साथ जटिल त्वचा रोगों के उपचार में भी बेहतर परिणाम सामने आए हैं। एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने डॉ. स्वेतालिना प्रधान को इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल डॉ. प्रधान की मेहनत और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि एम्स पटना की बढ़ती राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का भी प्रमाण है. ऐसे सम्मान संस्थान के अन्य युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। यह सम्मान स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एम्स पटना के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करता है।
