बिहार

कर्पूरी ठाकुर की जीवन गाथा पाठ्यक्रम में शामिल करने व पटना–सासाराम मार्ग का नामकरण कर्पूरी ठाकुर पर करने की मांग

फुलवारीशरीफ, अजित। कर्पूरी ठाकुर की जीवन गाथा को पाठ्यक्रम में शामिल करने और सड़क का नामकरण करने की मांग अखिल भारतीय नाई संघ (ट्रेड यूनियन) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की है कि भारतरत्न जननायक स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जीवन गाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए. साथ ही पटना से सासाराम तक नव-निर्मित होने वाले मार्ग का नामकरण स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर के नाम पर किया जाए.

संघ के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने इस संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है. ज्ञापन में कहा गया है कि कर्पूरी ठाकुर देश के प्रमुख समाजवादी नेताओं में से थे. वे वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद्, लंबे समय तक विधायक, सांसद, बिहार के उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री भी रहे. उन्हें मरणोपरांत भारत सरकार द्वारा भारतरत्न से सम्मानित किया गया।

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संघ ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जीवन सादगी, ईमानदारी और उच्च विचारों पर आधारित था. उन्होंने आजीवन पिछड़ों, दलितों, महादलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों और हितों के लिए संघर्ष किया. उनकी जीवन गाथा को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने से नई पीढ़ी को सामाजिक और राजनीतिक सेवा की प्रेरणा मिलेगी। अखिल भारतीय नाई संघ का कहना है कि पटना से सासाराम मार्ग का नामकरण कर्पूरी ठाकुर के नाम पर किए जाने से एक सच्चे जननेता को उचित सम्मान मिलेगा और उनके विचारों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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