पटना, अजित। एक ओर कड़ाके की ठंड और दूसरी ओर तकनीकी अव्यवस्था के बीच फुलवारी प्रखंड के मैनपुर अंडा पंचायत में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आयोजित रजिस्ट्रेशन कैंप किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया।
शनिवार सुबह से ही सैकड़ों किसान ठिठुरते हुए कैंप स्थल पर जुटे रहे, लेकिन सर्वर की खराबी के कारण दिनभर इंतजार के बाद भी अधिकांश को बिना काम कराए लौटना पड़ा. सुबह 10 बजे से लाइन में लगे किसान शाम तक सिस्टम ठीक होने की आस में बैठे रहे, मगर तकनीक ने साथ नहीं दिया.
कैंप में मौजूद किसानों के अनुसार सर्वर बार-बार डाउन होने के कारण शनिवार को केवल आठ किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका, जबकि इससे एक दिन पहले भी महज सात किसानों का काम हुआ था. लगातार दो दिनों में सिर्फ 15 रजिस्ट्रेशन होना व्यवस्था की नाकामी को उजागर करता है. इस दौरान मैनपुरा, बाबूचक, मंझौली, खड़कचक, बसंत चक और आसपास के गांवों से आए बुजुर्ग किसान लाठी के सहारे ठंड में कांपते हुए अपनी बारी का इंतजार करते रहे. कई बुजुर्गों की हालत ऐसी थी कि घंटों खड़े रहना उनके लिए मुश्किल हो रहा था, फिर भी वे उम्मीद में डटे रहे।
कैंप पर तैनात कर्मचारी और कृषि विभाग के कर्मी तकनीकी समस्या दूर कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन इंटरनेट और सर्वर की गड़बड़ी के आगे उनके प्रयास बेअसर साबित हुए. काम न होने से किसानों में नाराजगी भी देखने को मिली. किसानों का कहना है कि सरकार की योजनाएं कागज पर भले ही बड़ी दिखती हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. बिना पूरी तकनीकी तैयारी और पर्याप्त संसाधनों के ऐसे कैंप लगाना बुजुर्ग किसानों के साथ अन्याय है, खासकर तब जब उन्हें भीषण ठंड में घंटों इंतजार करना पड़े। किसानों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे कैंप लगाने से पहले सर्वर, इंटरनेट और तकनीकी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए, ताकि उन्हें बार-बार ठंड में लाइन लगाकर निराश न लौटना पड़े और योजना का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके।
