बिहार

चिकित्सा क्षेत्र का नया सितारा, डॉ. उत्तम कुमार को 2024-25 सत्र में गोल्ड मेडल, प्रेमलोक मिशन स्कूल पहुंचकर लिया गुरुदेव का आशीर्वाद

फुलवारीशरीफ, अजित। बिहार के चिकित्सा जगत के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण है, जब शिवहर जिले के सिरसोला निवासी डॉ. उत्तम कुमार ने आर्यभट्ट विश्वविद्यालय, पटना से पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए वर्ष 2024-25 सत्र का गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल और पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ी इस शैक्षणिक उपलब्धि ने न केवल बिहार बल्कि देशभर में उनका नाम रोशन किया है।

गोल्ड मेडल मिलने के बाद डॉ. उत्तम कुमार अपनी पत्नी डॉ. पूनम के साथ संपतचक स्थित प्रेमलोक मिशन स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने विद्यालय के निदेशक, भारतीय लोकहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पर्यावरणविद् गुरुदेव प्रेम तथा गुरु मां से आशीर्वाद प्राप्त किया. डॉ. उत्तम कुमार को गोल्ड मेडल मिलने की खबर फैलते ही व्यापारी समाज, साहू-वैश्य समाज और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. शुभेच्छुओं, शिक्षाविदों और चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों ने इसे बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है. परिवार का कहना है कि डॉ. उत्तम ने मेहनत, अनुशासन और सेवा भाव को अपना मूल मंत्र बनाकर यह मुकाम हासिल किया है.बहुत जल्द भारतीय लोकहित पार्टी की ओर से भी डॉ. उत्तम कुमार को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान और चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्धि के लिए स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

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इस अवसर पर डॉ. उत्तम कुमार ने बताया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के संस्कारों के बल पर उन्हें 2024-25 सत्र में यह सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है. उनकी पत्नी डॉ. पूनम वर्तमान में जम्मू में चिकित्सकीय सेवा दे रही हैं और उन्होंने भी इस उपलब्धि को पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया.
गुरुदेव श्री प्रेम ने बताया कि डॉ. उत्तम कुमार की शैक्षणिक यात्रा शुरू से ही उत्कृष्ट रही है. वर्ष 2009 में एमबीबीएस नामांकन परीक्षा में उन्होंने नीट ऑल इंडिया रैंक में ओबीसी श्रेणी में नौवां स्थान प्राप्त कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया था. वह शिवहर जिले के सिरसोला निवासी अशोक साह और माता गीता देवी के ज्येष्ठ पुत्र हैं. उनका पारिवारिक पृष्ठभूमि शिक्षा, व्यापार और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ी रही है. ससुराल सुपौल जिले के बीरपुर में है, जहां उनका संबंध प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार से है. साहू-वैश्य समाज में उनका परिवार एक सशक्त पहचान रखता है।

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