फुलवारीशरीफ, अजित। एम्स पटना में चिकित्सा नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इनक्यूबेशन और इनोवेशन काउंसिल की ओर से दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत शुक्रवार को हुई. यह कार्यशाला 14 और 15 नवंबर तक चलेगी, जो एम्स पटना की शोध, नवाचार और चिकित्सा तकनीक विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिग) डॉ. राजू अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुप कुमार, डीन छात्र कल्याण डॉ. रुचि सिन्हा, उपनिदेशक प्रशासन नीलोत्पल बल सहित कई वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे. कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) क्रांति भावना ने इनक्यूबेशन सेंटर की रूपरेखा और महत्व पर विस्तृत प्रस्तुति दी. उन्होंने कहा कि एम्स पटना देशभर के छात्रों, संकाय और शोधकर्ताओं के नवाचारी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एपीआईआईसी की सीईओ डॉ. मौसमी साहा ने स्टार्टअप प्रस्ताव जमा करने की प्रक्रिया समझाई और शोधकर्ताओं को उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रोहन टुरियोर रहे, जिन्होंने नवाचार और इनक्यूबेशन की प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण दिया. ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष व एपीआईआईसी के सह-अन्वेषक प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार ने कहा कि यह पहल चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने वाली तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यशाला के पहले दिन 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि दूसरे दिन ऑनलाइन सत्र के लिए 150 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है. उम्मीद है कि इस कार्यशाला से नए शोध, तकनीक और स्टार्टअप को दिशा मिलेगी और प्रतिभागियों को नवाचारों को आगे बढ़ाने में प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
