बिहार

महीनों से नहीं खुल रहा पंचायत भवन का ताला, ग्रामीण परेशान

अररिया, रंजीत ठाकुर : भरगामा प्रखंड क्षेत्र के कुसमौल और जयनगर पंचायत भवन से पंचायत स्तरीय कर्मियों के लगातार अनुपस्थित रहने से कार्यालय में महीनों से ताला लटका हुआ है। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों के बीच काफी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि कहने को तो उक्त पंचायतों में पंचायत कार्यालय बना हुआ है,लेकिन इसका कोई उपयोग आजतक नहीं देखा गया है। बताया गया कि यहां इस कार्यालय में कभी भी कोई कर्मी नहीं बैठते हैं। यहां विशेष कार्यक्रम को छोड़कर हरेक कार्य दिवस को ताला हीं लगा रहता है या फिर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होता है।

ग्रामीणों की इसी शिकायत पर 11 जुलाई (शुक्रवार) को 11 बजकर 18 मिनट पर कुसमौल पंचायत भवन और 11 बजकर 32 मिनट पर जयनगर पंचायत भवन का पड़ताल किया गया। इस पड़ताल के दौरान उपरोक्त दोनों पंचायत भवनों के सभी कार्यालय व आरटीपीएस काउंटर में ताला लगा हुआ पाया गया। इस मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीण कैलू यादव,लक्ष्मण मेहता,रुदल तांती,सुमन कुमार,सिकेंन्द्र दास,रामचंद्र चौपाल,हरी दास,बहादुर दास,रंजीत कुमार,रेणु देवी,पिंकी देवी,अंजनी देवी आदि ने कहा कि पंचायत सचिव,राजस्व कर्मचारी,कार्यपालक सहायक,आवास सहायक,विकास मित्र,कचहरी सचिव, पीआरएस, किसान सलाहकार,तकनिकी सहायक, लेखापाल, स्वच्छता पर्यवेक्षक आदि का ऑफिस समय में कार्यालय से गायब रहने की कहानी बहुत पुरानी है।

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इस कार्यालय में सिर्फ आज हीं नहीं बल्कि पिछले कई महीनों से ताला लगा हुआ है। उपरोक्त ग्रामीणों का आरोप है कि इस पंचायत भवन में प्रतिनियुक्ति कर्मी यहां नहीं बैठते हैं,अगर कभी यहां आते भी हैं तो कुछ मिनटों के लिए। लोगों ने बताया कि जब भी किसी जरूरी कार्य से इस कार्यालय में आते हैं तो पंचायत भवन के मुख्य दरवाजे पर हीं ताला लगा मिलता है। ऐसे में गांव के दर्जनों लोगों का सवाल है कि जब इस कार्यालय से ग्रामीणों को कोई सुविधा हीं नहीं मिलती है तो आखिरकार किस उद्देश्य से और क्यों इस कार्यालय को बनाया गया है..? इसका जवाब विभागीय अधिकारी को देना चाहिए। वहीं इस संबंध में संबंधित पंचायत सचिव बबलू पंडित ने कहा कि सभी पंचायत स्तरीय कर्मियों को दूसरे कार्यों में लगाया गया है,उनके ऊपर काम का बहुत ज्यादा दबाव है। इसलिए वे अपने कार्यालय में समय नहीं दे पाते हैं।

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