बिहार

लोक शिकायत निवारण में अरूचि एवं संवेदनहीनता के आरोप में अंचलाधिकारी, फुलवारीशरीफ के विरूद्ध पुनः प्रपत्र-’क’ गठित करने का निदेश दिया गया

पटना, संवाददाता। शनिवार को पटना जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज अपने कार्यालय-कक्ष में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत द्वितीय अपील में शिकायतों की सुनवाई की गयी और उसका निवारण किया गया। राजस्व कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में पूर्व अंचल अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की गई।

डीएम डॉ. सिंह द्वारा आज लोक शिकायत के कुल 19 मामलों की सुनवाई की गई तथा समस्याओं का समाधान किया गया। लोक शिकायत के निष्पादन में शिथिलता बरतने के कारण पूर्व अंचल अधिकारी, फुलवारीशरीफ चंदन कुमार के विरूद्ध पुनः प्रपत्र-’क’ गठित करने का निदेश दिया गया।

अपीलार्थी अखिलेख कुमार, पिता – विशुनदेव प्रसाद जयसवाल, साकिन-चितकोहरा, पोस्ट-अनिसाबाद, जिला-पटना द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष लोक शिकायत निवारण हेतु द्वितीय अपील में वाद दायर किया गया है। अपीलार्थी की शिकायत गलत रूप से जमाबंदी कायम करने के संबंध में है। जिलाधिकारी ने सुनवाई में पाया कि पूर्व अंचल अधिकारी, फुलवारीशरीफ चंदन कुमार द्वारा राजस्व कार्य में घोर लापरवाही बरती गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह कार्यशैली अत्यंत आपतिजनक एवं अत्यंत खेदजनक है।

उनकी इस कार्यशैली से आवेदक की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। राजस्व कार्य में लापरवाही बरतने के कारण जिलाधिकारी द्वारा पूर्व अंचल अधिकारी, फुलवारीशरीफ चंदन कुमार के विरूद्ध पुनः प्रपत्र-’क’ गठित कर विभाग को प्रतिवेदित करने का निदेश दिया गया। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि लोक शिकायतों का ससमय तथा गुणवत्तापूर्ण निवारण अत्यावश्यक है। लोक प्राधिकारों को तत्परता प्रदर्शित करनी होगी। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, संवेदनशील तथा सक्रिय रहें।

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