बिहार

कायाकल्प प्रमाणीकरण को लेकर रेफरल अस्पताल रानीगंज व सीएचसी सिकटी का हुआ मूल्यांकन

अररिया, रंजीत ठाकुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार को लेकर कई प्रयास किये जा रहे हैं। इसमें कायाकल्प प्रमाणीकरण की प्रक्रिया भी शामिल है। कायाकल्प प्रमाणीकरण भारत सरकार की एक विशेष पहल है जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता संबंधी जरूरी इंतजाम, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण संबंधी उपायों की मजबूती व मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सेवाओं को बढ़ावा देना है। कायाकल्प प्रमाणीकरण को लेकर दो सदस्ययी टीम द्वारा रेफरल अस्पताल रानीगंज व सीएचसी सिकटी का निरीक्षण किया। राज्यस्तरीय टीम में राज्य स्वास्थ्य समिति की डॉ अर्पणा सोनी, यूनिसेफ के डिवीजनल कॉर्डिनेटर शिवशंकर आनंद शामिल थे। टीम ने दोनों संस्थानों का मूल्यांकन करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार को लेकर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी सुझाव दिये।

संस्थान में उपलब्ध सुविधा व सेवाओं का लिया जायजा

राज्यस्तरीय टीम में शामिल अधिकारियों ने मूल्यांकन की प्रक्रिया के तहत उक्त दोनों स्वास्थ्य संस्थान में इंफेक्क्शन कंट्रोल, वेस्ट मैनेजमेंट, स्ट्रैंडर्ड ट्रिटमेंट गाइडलाइन, स्टैंडर्ड ऑपरेशनल प्रोसिजर सहित संबंधित अन्य सेवा व सुविधाओं का बारिकी से आकलन किया। बताया गया कि कायाकल्प योजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता व हाइजिन के उच्च मानकों को स्थापित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मी व मरीजों के लिये सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण का निर्माण करना है। इसके तहत संस्थानों में किसी भी तरह के संक्रमण को रोकने के लिये कड़े इंतजाम सुनिश्चित कराने के साथ-साथ कचरा प्रबंधन, नियमित सफाई, रोगाणु रहित वातावरण के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाता है। योजना के तहत स्वास्थ्य केंद्रों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा को बढ़ावा दिया जाता है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को वित्तीय मदद व मान्यता प्रदान की जाती है।

निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता किसी संस्थान का प्रमाणीकरण

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डीसीक्यूए डॉ मधुबाला ने बताया कि कायाकल्प प्रमाणीकरण को लेकर किसी संस्थान को निर्धारित प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इसमें सबसे पहले संस्थान अपनी सेवाओं का स्व मूल्यांकन करती है। दूसरे चरण में जिलास्तरीय विशेषज्ञ स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम संस्थान का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार के लिये जरूरी सुझाव देती है। इसके उपरांत राज्यस्तरीय टीम द्वारा संस्थान का निरीक्षण करते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप संस्थानों को स्कोर देती है। श्रेष्ठ संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर से प्रमाणीकृत करते हुए पुरस्कृत किया जाता है। इस तरह स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना व मरीजों को स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रमाणीकरण का मुख्य उद्देश्य है।

बेहतर चिकित्सकीय माहौल का निर्माण प्रमाणीकरण का उद्देश्य

सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर चिकित्सकीय माहौल का निर्माण, गुणवत्तापूर्ण सेवा व मरीजों के लिये सभी जरूरी इंतजामों की उपलब्धता व एक बेहतर चिकित्सकीय माहौल का निर्माण मरीज व उनके परिजनों की संतुष्टी के लिये जरूरी है। कायाकल्प प्रमाणीकरण इसकी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। स्वच्छ व सुरक्षित माहौल मरीजों के जल्द स्वस्थ होने के लिहाज से भी जरूर है।

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