अररिया, रंजीत ठाकुर फाइलेरिया रोगियों के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरी पहल किया जा रहा है। इसमें फाइलेरिया रोगियों के बीच एमएमडीपी यानी मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसबिलिटी प्रिवेंशन किट का वितरण काफी महत्वपूर्ण है। फाइलेरिया मरीजों के जीवन गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से बुधवार को पलासी पीएचसी सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान एमएमडीपी किट का वितरण किया गया। पीएचसी प्रभारी डॉ जहांगीर आलम द्वारा फाइलेरिया पीड़ित मरीजों के बीच एमएमडीपी किट वितरित किया गया। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद आशा फैसिलिटेटर व आशा कार्यकर्ताओं को रोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए समुदाय स्तर पर लोगों को फाइलेरिया के खतरों के प्रति जागरूक करने के लिये निर्देशित किया गया। इस दौराण पीरामल स्वास्थ्य के पीएल, प्रफुल्ल झा, पीओसीडी दीपक कुमार, गांधी फेलो अर्पूवा चौधरी, बीएचएम चंदन कुमार, बीसीएम संदीप कुमार, डब्ल्यूएचओ के संतोष कुमार सहित दर्जनों आशा कर्मी मौजूद थे।
सूजन सहित अन्य समस्याओं के प्रबंधन में किट उपयोगी
कार्यक्रम में पीएचसी प्रभारी डॉ जहांगीर आलम ने बताया कि फाइलेरिया की वजह से प्रभावित अंग में होने वाले सूजन सहित अन्य समस्याओं से राहत पाने में एमएमडीपी किट रोगियों की काफी मदद करती है। किट में ऐसे आवश्यक सामग्री शामिल किये गये हैं। जो फाइलेरिया के कारण होने वाले सूजन, दर्द व विकलांगता को प्रबंधित करने में मददगार है। इसके समुचित उपयोग से न सिर्फ मरीजों के शारीरिक पीड़ा कम होगी। बल्कि उन्हें मानसिक मजबूती भी मिलेगी।
संक्रमण व घाव संबंधी शिकायत में चिकित्सा सहायता जरूरी
पीरामल स्वास्थ्य के पीएल प्रफुल्ल झा ने बताया कि एमएमडीपी किट में एंटीफंगल क्रीम, साबुन, बैंडेज, तौलिया, गमला सहित अन्य सामग्री शामिल हैं। जो संक्रमण को नियंत्रित करने व प्रभावित अंगों की देखभाल में काफी सहायक है। इस दौरान मरीजों को एमएमडीपी किट के प्रयोग संबंधी जानकारी दी गयी। प्रभावित अंगों की साफ-सफाई सहित उनकी देखभाल के संबंध में मरीजों को बताया गया। मरीजों को प्रभावित अंग के सूजन को कम करने के लिये व्यायाम करने की सलाह दी गयी। साथ ही उन्हें फाइलेरिया प्रभावित अंग में किसी तरह के संक्रमण व घाव होने की स्थिति में तुरंत उन्हें चिकित्सा सहायता लेने के लिये प्रेरित किया गया।
रोगियों के जीवन को बेहतर बनाने की हो रही पहल
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकरी अजय कुमार सिंह ने बताया कि फाइलेरिया, जिसे सामान्य भाषा में हाथी पांव भी कहा जाता है। एक गंभीर और दीर्घकालिक रोग है। जो मच्छरों की वजह से फैलता है। फाइलेरिया का अब तक कोई समुचित इलाज उपलब्ध नहीं है। इस बीमारी से प्रभावित लोग अक्सर शारीरिक विकलांगता, दर्द, सूजन व सामाजिक कलंक का सामना करने के लिये मजबूर होते हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग फाइलेरिया रोगियों के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई जरूरी पहल कर रहा है। इसमें एमएमडीपी किट का वितरण काफी महत्वपूर्ण है। एमएमडीपी किट रोगियों को फाइलेरिया प्रभावित अंगों की समुचित देखभाल में काफी मददगार है। फाइलेरिया रोगियों के लिये जिले के फारबिसगंज व रानीगंज प्रखंड में विशेष फाइलेरिया क्लिनिक संचालित किया जा रहा है। फाइलेरिया के अति गंभीर मरीजों को विकलांगता पेंशन सहित अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।
