अररिया, रंजीत ठाकुर। मैथिली एसोसिएशन नेपाल द्वारा इस वर्ष होली पर्व के अवसर पर ‘मैथिली होली महोत्सव का आयोजन कर रही है, मैथिली एसोसिएशन नेपाल के द्वारा इस वर्ष होली पर्व को अपने पौराणिक स्वरूप मे वापसी व बिलुप्त हो रहे विभिन्न भाषा जाती के सांस्कृतिक खान पान, भेष भूषा, भाषा साहित्य के संरक्षण के लिए प्रयास करने की बात मैथिली भाषा बिज्ञ प्रवीन नारायण चौधरी ने कही है। श्री चौधरी के अनुसार कोसी प्रदेश के इतिहास मे संभवतः पहली बार मैथिली होली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमे विभिन्न जात जाती के ‘खानपान मेला’ के साथ भाषा सांस्कृति के लिए एसोसिएशन हिम्मत जुटाई है ।
जिसमे इस महोत्सव मे खास आकर्षण के तौर पर मिथिला के होली विशेष खाद्य प्रकार जैसे मलपुआ, रसपुआ, जिलेबी, तस्मइ (खीर), दही बरा, आलू-मटर-तिल मिश्रित अँचार – सँचार के बीच लोग होली महोत्सव का आनन्द उठाएंगे। साथ इस महोत्सव मे मिथिला के खानपान के साथ विभिन्न मैथिली जातीय-समुदाय का होली विशेष प्रस्तुति तो रहेगी ही साथ ही महोत्सव द्वारा प्राचीन लोकसंस्कृतिक संरक्षण-संवर्धन और महिला उद्यमिता प्रोत्साहन, स्वरोजगार-स्वाबलम्बन हेतु लोकजागरणक कार्यक्रम भी आयोजित की जाने की बात कही है।
