अररिया, रंजीत ठाकुर। सीमावर्ती क्षेत्र में मौसम बदलते ही गेहूं, मक्का, आलू आदि फसलों का बुवाई प्रारंभ होते ही रासायनिक खादों की दामों में वृद्धि होने लगी है। जिससे निम्न वर्ग के किसानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक की समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से भी किसानों में परेशानी है। इस बाबत क्षेत्र के किसान बताते हैं कि डीएपी खाद 1500 से 18 सौ रुपए तो वहीं यूरिया 350 रुपए बैग खरीदना पड़ता है। वह भी समय पर उपलब्ध नहीं होता है जबकि जमीन का लगाना रसीद, आधार कार्ड किसान के द्वारा खाद विक्रताओं को दिया जाता है।
समाचार संकलन के दौरान सोनपुर पंचायत के जिमराही गांव निवासी किसान नारायण यादव, विश्वेश्वर शर्मा, कृष्ण देव यादव, ने बताया कि क्षेत्र के दुकानदार डीएपी यूरिया ऊंचे दामों पर हम किसानों से बिक्री करता है विरोध करने पर दुकानदार साफ तौर पर कहता है मेरे पास डीएपी नहीं है, वहीं अन्य किसानों से ऊंचे दामों पर रकम लेकर बेचता है। किसान ने कहा समय रहते कृषि पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी तथा संबंधित समस्त अधिकारी से कहना है कि रासायनिक खाद की बढ़ते कीमत की जांच कर अंकुश लगाने की बात कही है।
