अररिया, रंजीत ठाकुर। बिहार की घमंडिया गठबंधन की सरकार लगातार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है चाचा भतीजे की सरकार हिंदुओं की भावनाओं को आहत और खिलवाड़ करने से बाज नही आ रही है, प्रदेश में अब क्या सनातन धर्म मे आस्था रखने वाले धार्मिक त्योहार भी मना नही सकते है? उक्त बातें भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष संदीप कुमार, बुलबुल यादव एवं जिला मंत्री करण सिंह संग बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा जारी तुगलकी फरमान में त्योहारों पर छुट्टियों में की गई कटौती पर पत्रकारों के बीच अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कुमार ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा जारी हिंदू विरोधी फैसले पर रोष प्रकट करते हुए इसे घोर दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया।
कहा कि कुर्सी कुमार की सरकार ने हिंदुओं के भावना पर कुठाराघात करते हुए रक्षाबंधन, श्री कृष्ण जन्माष्टमी, हरितालिका तीज, जिउतिया, विश्वकर्मा पूजा,कार्तिक पूर्णिमा गुरुनानक जयंती सहित दीपावली, दुर्गा पूजा के आलावे छठ महापर्व में पहले से जारी 23 छुट्टियों को रद्द कर 11 छुट्टी किया जाना ना सिर्फ बेहद आपत्तिजनक है,बल्कि प्रदेश सरकार का हिन्दू विरोधी चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने एक समुदाय को खुश करने और वोट बैंक की राजनीति को साधने वाले इस तालिबानी निर्णय को शीघ्र वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि तुष्टिकरण राजनीति के प्रणेता नीतीश तेजस्वी की सरकार समाज को बांटने की नीति पर कार्य कर रही है जिसे बिहार की जनता 2024 एवं 2025 में करारा जबाब देकर इंसाफ करेगी।
