बिहार

आईसीडीएस का आवश्यक दिशा-निर्देश : आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों की थाली में पौष्टिक आहार में किया गया बदलाव

पूर्णिया(रंजीत ठाकुर): बिहार के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों की थाली में पौष्टिक आहार में बदलाव किया गया है। इसको लेकर आईसीडीएस निदेशालय द्वारा राज्य के सभी जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा बिहार के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में नामांकित बच्चों को पोषाहार के रूप में कैलोरी एवं प्रोटीन युक्त भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक बदलाव किया गया है। अब बच्चों को और अधिक पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है। ज़िले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर 03 से 06 वर्ष के बच्चों को स्कूल अवधि के दौरान नास्ते व भोजन के रूप में दो बार भोजन दिया जाएगा। इसके लिए सप्ताह के सभी दिन नास्ते व खाने में अलग अलग भोजन दिया जाएगा।

अब बच्चों को प्रतिदिन नास्ते व भोजन में प्रोटीन व कैलोरी युक्त भोजन कराया जाएगा उपलब्ध: डीपीओ

आईसीडीएस की डीपीओ राखी कुमारी ने बताया कि ज़िले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर 03 से 06 वर्ष के बच्चों को पौष्टिक आहार के रूप में वही भोजन उपलब्ध कराया जाता जिससे कि बच्चा स्वस्थ एवं तंदुरुस्त रहे। इसके लिए समयानुसार आवश्यक पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। आईसीडीएस विभाग द्वारा बदलते समय के अनुसार पूरक आहार की गतिविधियों में बदलाव किया गया है। क्योंकि अब बच्चों को प्रतिदिन नास्ते व भोजन में प्रोटीन व कैलोरी युक्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देश के अनुसार बच्चों को नास्ते में केला, पपीता, मौसमी फल, दूध, अंकुरित चना व गुड़, भुना हुआ चना और मूंगफली जैसे पदार्थ दिए जाएंगे। सप्ताह के अलग-अलग दिवस पर अलग-अलग खाद्य पदार्थ बच्चों को नास्ते के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूरक आहार से संबंधित भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

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सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नया पूरक पोषाहार होगा लागू : निधि प्रिया

राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्वयक निधि प्रिया ने बताया कि ज़िले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नए पूरक पोषाहार के रूप में बच्चों को चावल का पुलाव, रसिया, खिचड़ी, आलू-चना सब्जी के साथ चावल, सोयाबीन, सब्जी व चावल, कद्दू दाल या साग, दाल के साथ चावल परोसा जाएगा। यह सभी पोषाहार नवजात शिशुओं एवं मासूम बच्चों के पोषण के लिए अतिआवश्यक है। क्योंकि इससे बच्चों के शरीर में प्रोटीन और कैलोरी में इजाफा होता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। पोषण अभियान के जिला परियोजना सहायक सुधांशु कुमार ने बताया कि पूरक पोषाहार के अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक दिन का विशेष पोषाहार अभियान चलाया जाएगा जिसमें बच्चों के साथ गर्भवती व धात्री महिलाओं को भी पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रतिदिन उपस्थित होने वाले लाभुकों के आधार पर पोषण राशि का भुगतान किया जाएगा।

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