पटना(न्यूज़ क्राइम 24): बिहार राज्य बार काउंसिल की सदस्य शहनाज फातिमा ने काफी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं बी.सी.आई के मनन मिश्रा, धर्मनाथ यादव, राम चरित्र, अरुण कुमार सिंह एवं बिंद केसरी सच्चिदानंद, मुरारी कुमार हिमांशु प्रेम कुमार झा प्रेम नाथ ओझा राजीव शरण, मदन मोहन मिश्रा आदि कई सदस्यों की मैट्रिक से लेकर वकालत तक की डिग्री का सभी मूल प्रमाण पत्रों की जांच की मांग की है. उन्होंने पटना विजिलेंस विभाग द्वारा जांच कराए जाने की मांग बिहार राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष से की है.
इस संबंध में फातिमा ने अध्यक्ष से 15 दिनों के अंदर जांच की प्रक्रिया शुरू करने के लिए निवेदन किया है एवं कहा की जांच के आधार पर दोषी सदस्यों को कानूनी सजा दी जाए साथ ही साथ फातिमा ने यह दावा किया है कि सन 2018 में हुए बिहार राज्य बार काउंसिल के चुनाव में जबरदस्त धांधली हुई है इसलिए मनन कुमार मिश्रा सहित सभी सदस्यों के बैलेट पेपर की जांच सीबीआई द्वारा जाँच करवाई जाए. फातिमा ने कहा कि अधिवक्ताओं ने अपना वोट दिया है क्या वह उस विधिक संघ के रेगुलर प्रैक्टिस है या नहीं??? अधिवक्ता है या सिर्फ फर्जी वोटर
बिहार राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष के समक्ष फातमा के द्वारा दो लेटर दिए गए यह बहुत बड़ी विडंबना है कि क्या यह माननीय अध्यक्ष फातिमा के द्वारा दिए गए दोनों आवेदन को स्वीकार करते हैं या अस्वीकृत करते हैं!
