बिहार

सुशासन की सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने में पूरी तरह से फेल : आप

पटना: आम आदमी पार्टी बिहार के प्रदेश प्रवक्ता बबलू कुमार प्रकाश ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सुशासन की सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने में पूरी तरह से फेल साबित हो गई है. व्यवस्था सुधार के नाम पर बड़े-बड़े बिल्डिंग बना दिये गए । उस पर अरबों रू खर्च भी किया लेकिन बुनियादी सुविधा और पारा मेडिकल स्टाफ की बहाली पर कोई ध्यान नहीं दिया।

बिहार सरकार पहले वेंटिलेटर के लिए खूब हायतौबा मचाया था। केंद्र सरकार ने भी वेंटिलेटर देकर मदद किया। बिहार सरकार ने भी वेंटिलेटर खरीदा। इस तरह से सूबे में करीब 200 वेंटिलेटर उपलब्ध हो गए। वेंटिलेटर मिला तो चालू नहीं किया और अब सैंकड़ों वेंटिलेटर को निजी अस्पतालों को अस्थाई तौर पर सुपुर्द करने का निर्णय लिया है।

बबलु ने कहा, वेंटिलेटर मशीन की खरीददारी में सरकार ने पानी की तरह पैसे बहाया लेकिन उसे चलाने के लिए टेक्निशियन बहाल नही किया। लिहाजा अधिकांश जिलों में वेंटिलेटर रखे-रखे खराब हो रहे है। अब स्वास्थ्य महकमा जिलों में भेजे गये वेंटिलेटर को प्राईवेट अस्पतालों को देने के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है।

बबलू ने सरकार के इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा है कि राज्य सरकार के पास वेंटिलेटर चलाने के लिए टेक्नीशियन नहीं है जबकि बिहार के सभी मेडिकल कॉलेजों में पीएमसीएच जेएलएनएमसीएच डीएमसीएच एनएमसीएच आदि सभी चिकित्सा संस्थानों में पैरामेडिकल के ओटी असिस्टेंट/ तकनीशियन कोर्स की पढ़ाई बीते कई दशक से हो रही है जिसमें हजारों की छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वर्षो से नर्स ग्रेड ए के 4500, ओटी असिस्टेंट ओटी टेक्निशियन के 1096 ,लैब तकनीशियन के 1772, X-ray टेक्निशियन के 803, ड्रेसर के 1398, सैनिटरी इंस्पेक्टर के 236,आदि पदों पर नियुक्ति सालों से अटकी हुई है।

बबलू ने बिहार सरकार से मांग करते हुए कहा कि कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप कबतक चलेगा कुछ कहा नही जा सकता है। राज्य सरकार अपने संसाधनों को निजी अस्पताल के हाथों नही सौपे बल्कि सरकारी अस्पतालों को स्थाई रूप मजबूत करे। रिक्त पड़े नर्स एवं टेक्निशियन के पदों को भरने के लिए जल्द से जल्द विज्ञापन प्रकाशित करे।

बबलू ने बताया कि पारा मेडिकल छात्र संघ बिहार के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण ने नीतीश कुमार को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि राज्य सरकार सभी पैरामेडीकल छात्रों को उचित पारिश्रमिक राशि एवं 50 लाख का स्वास्थ्य बीमा दे तो छात्र संघ वेंटिलेटर चलाने के लिए तकनीशियन उपलब्ध कराएगी।

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