बिहार

20 साल का डबल इंजन, सवा लाख करोड़ का वादा और लाठी खाता नौजवान : सचिन पायलट

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) आज बिहार प्रदेश पटना में आयोजित पत्रकार वार्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सचिन पायलट ने बिहार की मौजूदा सरकार, केंद्र की नीतियों और राज्य की बिगड़ती हालातों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “बीस साल के डबल इंजन की सरकार अब जंग खा चुकी है, और जनता अब इंजन नहीं बल्कि ड्राइवर बदलना चाहती है।

प्रेस वार्ता की शुरुआत में उन्होंने कहा कि बिहार के चुनाव अब अपने निर्णायक मोड़ पर हैं। 6 नवम्बर को पहला मतदान है, और इस बार जनता मन बना चुकी है। पायलट ने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के दौरान बिहार की जनता को जो भरोसा दिया था, वही आज महागठबंधन के आंदोलन की ताकत बन चुका है। “यह चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, व्यवस्था बदलने का है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में भाजपा-जेडीयू की जोड़ी ने बिहार को सिर्फ वादों और जुमलों का प्रदेश बना दिया। “नीतीश कुमार ने पहले भाजपा को कोसा, फिर गले लगाया, फिर छोड़ा और अब दोबारा उसी भाजपा के आगे नतमस्तक हैं। सत्ता का मोह जनता के विश्वास से बड़ा हो गया है। यह वही नीतीश कुमार हैं जो कभी प्रधानमंत्री पर डीएनए का सवाल उठाते थे, और आज उन्हीं के दरबार में हाज़िर हैं।

पायलट ने व्यंग्य करते हुए कहा कि “20 साल में डबल इंजन ने जो दिया है, वह सिर्फ भ्रम है — न उद्योग आए, न रोजगार बना, न किसान की आमदनी दुगनी हुई। सिर्फ झूठे वादों के इंजनों से बिहार की गाड़ी अब नहीं चलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हर चुनाव से पहले बड़े-बड़े पैकेजों का ऐलान करते हैं, लेकिन “1.25 लाख करोड़ का विशेष पैकेज आज तक बिहार की धरती पर नहीं उतरा। सवा लाख करोड़ का वादा था, लेकिन युवाओं को बेरोजगारी, किसानों को नुकसान और जनता को महंगाई मिली। उन्होंने कहा कि बिहार में आज भी देश की सबसे अधिक बेरोज़गारी दर है और सबसे अधिक पलायन। “जो नौजवान पढ़-लिखकर नौकरी मांगते हैं, उन पर लाठियाँ बरसाई जाती हैं। यही डबल इंजन की सच्चाई है।

भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि “भाजपा आज भी जवाबदेही से भागती है। जब उनसे बिहार के विकास पर सवाल पूछा जाता है, तो वे आज भी नेहरू, इंदिरा या मनमोहन सिंह जी का नाम लेने लगते हैं। जबकि वे पिछले 11 साल से केंद्र में और 20 साल से बिहार में सत्ता के हिस्सेदार हैं। अब जनता हिसाब चाहती है।

उन्होंने कहा कि बिहार की वित्तीय स्थिति चिंताजनक है और कैग की रिपोर्ट इस पर मुहर लगाती है। “लाखों करोड़ रुपये की राशि जो जनता के विकास पर खर्च होनी चाहिए थी, उसे सरकार ने सरेंडर कर दिया। ₹70 करोड़ के घोटाले सामने आए हैं, लेकिन जवाबदेही कोई नहीं लेता। और ऊपर से दो तिहाई बिहारवासी ₹65 प्रतिदिन से कम में जीवन गुजार रहे हैं — यह किसी भी सरकार के लिए शर्म की बात है।

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पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और महागठबंधन बिहार के लोगों के लिए एक नई उम्मीद हैं। “राहुल गांधी जी की यात्राओं ने देशभर में जो राजनीतिक जागरूकता पैदा की, उसका असर बिहार में स्पष्ट दिख रहा है। बदलाव की जो सरसराहट थी, अब वह लहर बन चुकी है और यह लहर अब सत्ता परिवर्तन में तब्दील होगी।

उन्होंने भाजपा के प्रचार और प्रधानमंत्री के रोड शो पर भी व्यंग्य किया। “प्रधानमंत्री जिन सड़कों पर आज रोड शो कर रहे हैं, उन्हीं सड़कों पर कल बेरोज़गार युवाओं को लाठियों से पीटा गया था। यही डबल इंजन की सच्चाई है — एक इंजन भाषण देता है, दूसरा इंजन बेरोज़गारों पर डंडा।

नीतीश कुमार पर प्रहार करते हुए पायलट ने कहा कि “मुख्यमंत्री अब दिल्ली के इशारों पर काम कर रहे हैं। उनके फैसले न तो बिहार के हित में हैं, न बिहार की जनता की आवाज़ को दर्शाते हैं। सत्ता के प्रति ऐसा मोह लोकतांत्रिक शर्म है।

उन्होंने कहा कि “भाजपा आज भी बैसाखियों पर टिकी है। 2024 में 400 पार का दावा करने वाली भाजपा 240 सीटों पर सिमट गई। बिहार और आंध्र प्रदेश की बैसाखियों पर टिकी यह सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी। जनता ने खंडित जनादेश दिया है और अब वह असली परिवर्तन चाहती है।

सृजन और बालिका गृह घोटाले पर पूछे गए सवाल पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस हमेशा न्याय और पारदर्शिता की पक्षधर रही है। “हम मानते हैं कि अगर किसी जांच पर जनता को संदेह है, तो नई सरकार आने पर उसकी निष्पक्ष समीक्षा की जाएगी और जो उचित होगा, वह कदम उठाया जाएगा।

अनंत सिंह की गिरफ्तारी और चुनावी हिंसा पर सचिन पायलट ने कहा कि “यह सब मुख्यमंत्री की नाक के नीचे हो रहा है। अगर आज कोई कार्रवाई हुई है, तो यह जनता और मीडिया के दबाव का परिणाम है। वर्षों से जारी हिंसा के लिए मौजूदा सरकार जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर बिहार की पहली प्राथमिकता नौजवान होंगे। पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होगी, रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे और शिक्षा को राजनीतिक स्वार्थ से मुक्त किया जाएगा। किसानों को उनका हक़, महिलाओं को सुरक्षा और युवाओं को सम्मान मिलेगा। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि “हम बिहार की जनता से किए गए हर वादे पर खरे उतरेंगे। यह सिर्फ सत्ता में आने की बात नहीं, बल्कि बिहार को फिर से सम्मान और अवसर का प्रदेश बनाने की लड़ाई है। अब बिहार इंजन नहीं, ड्राइवर बदलना चाहता है

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