बिहार

सदर अस्पताल में खुला एआरटी सेंटर, एड्स के मरीजों को मिली राहत

जमुई(मो. अंजुम आलम): एड्स दिवस के अवसर पर जमुई को एआरटी सेंटर की सौगात मिली है। जिले में मौजूद एड्स के मरीजों बड़ी राहत मिल गई है। अब उनको इलाज के लिए दूसरे जिला का चक्कर नहीं लगाना होगा। बल्कि जमुई सदर अस्पताल में ही एड्स के इलाज के लिए सारी सुविधाएं मुहैया हो गई हैं। जिसके लिए एआरटी सेंटर का भी उद्घाटन मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया है। साथ ही 7 अन्य जिलों में भी एआरटी सेंटर की शुरुआत हुई है। इस अवसर पर सदर अस्पताल में मौजूद एआरटी सेंटर का सिविल सर्जन डॉ. विजयेंद्र सत्यर्थी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सैयद नौशाद अहमद, एसीएमओ डॉ. रमेश प्रसाद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर उदघाटन किया गया। इस मौके पर पदाधिकारियों ने कहा कि जमुई के लिए यह एक बड़ी उपलब्धी है कि अब जिले में मौजूद एड्स रोगियों को भागलपुर, पटना या फिर अन्य जिला जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब एड्स रोगियों का जांच से लेकर इलाज और दवा की सभी व्यवस्था इस सेंटर में मौजूद रहेगी। इस अवसर पर डा. नागेंद्र कुमार, मो. शमीम अख्तर, जिला एड्स पर्यवेक्षक मनीत कुमार अखौरी, नवोदित मृणल, आशा कुमार सहित काफी संख्या में अधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।

इन चिकित्सक व कर्मी पर एआरटी सेंटर की रहेगी जिम्मेदारी-

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एड्स दिवस के अवसर पर जमुई सदर अस्पताल में एआरटी सेंटर का स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा उदघाटन किया गया। साथ ही सेंटर का सही ढ़ंग से संचालन के लिए चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की भी बहाली की गई है। जानकारी देते हुए सीएस डॉ. विजयेंद्र सत्यर्थी ने बताया कि विभाग द्वारा चिकित्सक के रूप में डा. सैयद सदाब सुल्तान, टेक्नीशियन के रूप में मु. सलाहउद्दीन अंसारी, एएनएम के रूप में भारती कुमारी और ज्ञानी शेखर को बहाल किया गया है। ये सभी लोग एआरटी सेंटर में मौजूद रहकर एड्स रोगियों का जांच और इलाज करने का कार्य करेंगे।

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