बिहार

बिहार से पलायन को रोकने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए किए जा रहे कार्य : गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और गन्ना उद्योग को फिर से मजबूत करने के लिए सरकार ने कई योजनाओं और नई पहलों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बामेती, पटना में गन्ना किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। संगोष्ठी में किसानों को गन्ने की वैज्ञानिक खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज, यंत्रीकरण, गुड़ उत्पादन और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। मंत्री ने कहा कि बिहार से पलायन रोकने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को खेत तक गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक तकनीक और कृषि यंत्र उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने पिछले वर्षों में गन्ने की खेती कम कर दी थी, उन्हें फिर से इस फसल की ओर लाने के लिए विभाग स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञ संस्थानों की मदद से कम जमीन में अधिक उत्पादन की तकनीक किसानों तक पहुंचाई जाएगी।

गन्ना यंत्रीकरण योजना के लाभुक कृषक को दिया गया ट्रैक्टर की चाबी-

संगोष्ठी के दौरान माननीय गन्ना उद्योग मंत्री श्री संजय कुमार द्वारा गन्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के कृषक श्री कौशल कुमार को ट्रैक्टर की चाबी प्रदान की गई। वहीं, कृषक श्री बबलू कुमार को पावर वीडर (Power Weeder) प्रदान करने हेतु अनुमति-पत्र दिया गया। मंत्री जी ने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता से किसानों की खेती की लागत एवं श्रम में कमी आएगी तथा गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।

बिहार में 25 नई चीनी मिलों को स्थापित करने का है लक्ष्य-

माननीय मंत्री जी ने कहा कि राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और नई चीनी मिलें स्थापित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने और करीब 25 चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में काम करने का लक्ष्य रखा है। बेगूसराय में भी चीनी मिल स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि वारिसलीगंज क्षेत्र में चीनी मिल की स्थापना के लिए करीब 99.39 एकड़ जमीन गन्ना उद्योग विभाग को उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। मंत्री ने कहा कि इससे गन्ने का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बाजार मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

गुड़ उत्पादन को भी मिलेगा बढ़ावा: सचिव धर्मेंद्र सिंह-

गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जिन क्षेत्रों में चीनी मिलें नहीं हैं, वहां किसानों को गुड़ उत्पादन से जोड़ने की योजना है। छोटे स्तर पर चलने वाले पारंपरिक कोल्हू की जगह आधुनिक और यंत्रीकृत गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए सरकार अनुदान दे रही है। उन्होंने किसानों से गन्ने की वैज्ञानिक खेती अपनाने और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए विभागीय अधिकारियों के संपर्क में रहने की अपील की। सचिव ने कहा कि गन्ने का उत्पादन बढ़ने से भविष्य में चीनी मिलों और अन्य कृषि आधारित उद्योगों के लिए भी अनुकूल माहौल तैयार होगा।

80 प्रतिशत तक यंत्रीकरण पर मिलेगा अनुदान-

ईखायुक्त अनिल कुमार झा ने बताया कि गन्ने की खेती से जुड़े यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से 80 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को गन्ने की खेती के लिए नि:शुल्क बीज उपलब्ध कराने की योजना भी संचालित की जा रही है। फाउंडेशन सीड के उत्पादन, प्रमाणित बीज उत्पादन और किसानों को बीज उपलब्ध कराने के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है।

संगोष्ठी के दौरान किसानों ने माननीय मंत्री जी से सीधे संवाद किया तथा गन्ने की खेती से जुड़ी अपनी समस्याओं एवं आवश्यकताओं से अवगत कराया। पटना एवं गया जैसे गैर-चीनी मिल क्षेत्र के किसानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चीनी मिल की स्थापना की मांग रखी। आरा, भोजपुर के किसानों ने गन्ने की खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना की मांग की। किसानों ने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता बढ़ने से समय एवं लागत में कमी आएगी तथा गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा।

माननीय मंत्री जी ने किसानों की बातों को गंभीरता से सुना तथा विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गन्ने की खेती से जुड़े किसानों को उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण एवं बाजार तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। संगोष्ठी में वैज्ञानिकों ने किसानों को गन्ने की उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती, बेहतर बीज चयन, तकनीकी प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी। विभाग ने किसानों को भरोसा दिलाया कि खेती से लेकर उत्पादन और बाजार तक उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और विभाग उनके साथ खड़े हैं। इस मौके पर संयुक्त ईखायुक्त वेदव्रत कुमार, संयुक्त निदेशक रेमन्त झा, ईख अनुसंधान संस्थान पूसा के वरीय वैज्ञानिक डॉ. डीएन कामत, डॉ. अनिल कुमार सहित अन्य वैज्ञानिक, पटना, भोजपुर, जहानाबाद और गयाजी जिले के किसान उपस्थित रहे।

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