अररिया(रंजीत ठाकुर): बिहार में सरकार टीका उत्सव मना रही है। लगातार टीकाकरण को तेज करने की बात कही जा रही है,लेकिन अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड में वैक्सीनेशन का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग पर अब सवाल उठने लगे हैं. यहां एक छात्र को बिना टीका लगाए ही वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट मिल गया। उज्ज्वल कुमार को उनके मोबाइल पर वैक्सीन लगाए जाने का मैसेज मिला और उसके लिंक में उनके नाम का सर्टिफिकेट भी था. जबकि छात्र उज्ज्वल कुमार का कहना है कि वो वैक्सीन लगवाने के लिए सेंटर गए ही नहीं.
मामला अररिया जिले का नरपतगंज का है । छात्र उज्ज्वल का कहना है कि उन्होंने अभी तक कोविड वैक्सीन की कोई डोज ही नहीं ली है।हाँ,उन्होंने कोविड वैक्सीन के लिए ऑनलाइन आवेदन जरूर किया था, लेकिन लेकिन 6 मई को शाम को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा हुआ था कि आपको कोविड वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है.अब ताज्जुब की बात यह कि बिहार में 18से 44 साल वाले का टीकाकरण की शुरुवात ही 9 मई से हुआ , लेकिन इनको 6 मई को सर्टिफिकेट कैसे मिल गया? आखिर इसका जिम्मेवार कौन है?
उज्ज्वल कुमार ने आशंका जताई है कि कहीं अब उन्हें कोरोना का टीका लगाने से मना न कर दिया जाय।
बिना टीका लिए टीकाकरण का मैसेज आ जाने से वह अचंभित हैं कि बिना टीकाकरण का ही फ़र्स्ट डोज कम्पलीट का मैसेज कैसे आ गया? उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि कहीं बिना टीकाकरण के ही मैसेज भेजने का मकसद टीका का कालाबाजारी तो नहीं है.
बताते चलें कि उज्ज्वल कुमार मधुरा दक्षिण वार्ड संख्या 03, नरपतगंज का निवासी है क्या कहते हैं पीएचसी चिकित्सा पदाधिकारी रूपेश कुमार नरपतगंज:-
इस बाबत चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि डाटा ऑपरेटर के भूल के कारण ऐसा शिकायत मिल रहा है। इससे डरने की कोई बात नहीं है। वह आकर वैक्सीन ले सकते हैं।
