बिहार

पटना में दो दिवसीय सीएसआई बिहार चैप्टर सम्मेलन संपन्न : डॉ. संजीव कुमार बने नए अध्यक्ष और डॉ. अशोक कुमार संभालेंगे सचिव का पद

पटना/फुलवारीशरीफ, अजित। कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई), बिहार चैप्टर का 31वां वार्षिक अधिवेशन रविवार को संपन्न हुआ. दो दिनों तक चले गंभीर वैज्ञानिक सत्रों के समापन समारोह में देश-विदेश से आए हृदय रोग विशेषज्ञों ने अगले वर्ष पुनः मिलने के वादे के साथ विदाई ली।

समापन सत्र में सत्र 2025-26 के लिए निर्वाचित अध्यक्ष एम्स पटना के कार्डियो-थोरेसिक सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार और सचिव पीएमसीएच के डॉ. अशोक कुमार ने पदभार संभाला. निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. के.के. वरुण ने नई टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. संजीव कुमार के अनुभव से चैप्टर को नई दिशा मिलेगी और बिहार में हृदय रोग निवारण के क्षेत्र में सार्थक काम होगा।

राज्य के प्रमुख कार्डियक सर्जन डॉ. संजीव कुमार अविभाजित बिहार के शुरुआती कार्डियक सर्जनों में से एक हैं. उन्हें पटना में बीटिंग हार्ट तथा ऑफ-पंप बायपास सर्जरी जैसी उन्नत तकनीकों की शुरुआत करने का श्रेय जाता है. उन्होंने मगध हॉस्पिटल और हार्ट हॉस्पिटल में कार्डियक सर्जरी यूनिट की स्थापना की तथा एम्स पटना में ओपन हार्ट सर्जरी प्रारंभ की। वर्तमान में एम्स पटना में बायपास सर्जरी और वाल्व रिप्लेसमेंट जैसी जटिल शल्यक्रियाएं आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री राहत कोष तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लगभग निःशुल्क की जा रही हैं, जिससे राज्य के गरीब मरीजों को बड़ा लाभ मिल रहा है।

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डॉ. कुमार ने एमबीबीएस रिम्स, रांची से किया है, एम.सी.एच. (कार्डियक सर्जरी) संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ से तथा सीनियर रेजीडेंसी एम्स, नई दिल्ली से की है. वे सीएसआई बिहार चैप्टर के पूर्व सचिव एवं उपाध्यक्ष रह चुके हैं. उन्हें अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स और इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोथोरेसिक सर्जन्स से फैलोशिप प्राप्त है। डॉ. संजीव कुमार की पत्नी डॉ. रंजना कुमार शहर की प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं. उनकी दोनों बेटियाँ भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हैं। सम्मेलन में वरिष्ठ सदस्यों डॉ. यू.सी. सामल, डॉ. एस.एस. चटर्जी, डॉ. अजय सिन्हा, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. बी.बी. भारती और डॉ. अभिनव भगत ने नई टीम को बधाई दी और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं.

दिन की शुरुआत में दिल्ली के डॉ. आर.डी. यादव, चेन्नई के डॉ. उल्लास पांडुरंगी, दिल्ली के डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. सप्रे, पटना के डॉ. एस.एस. चटर्जी और वाराणसी की डॉ. प्रतिभा राय सहित कई विशेषज्ञों ने जन्मजात हृदय रोगों के कैथेटर उपचार की नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि महंगे और लंबे उपचार के बजाय जीवनशैली में परिवर्तन द्वारा रोकथाम ही अधिक कारगर है। समारोह में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. अग्रवाल और वरिष्ठ हृदय शल्य चिकित्सक डॉ. अजीत प्रधान को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. वहीं कोलकाता के डॉ. अवधेश कुमार सिंह ने डॉ. ए.के. ठाकुर ऑरेशन लेक्चर प्रस्तुत किया।

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