बिहार

राज्य स्वास्थ्य प्रणाली डिजिटलीकरण (भव्या) के लिए आशा फेसिलेटर को दिया जा रहा प्रशिक्षण

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना (एमडीएचवाई) के अंतर्गत बिहार राज्य स्वास्थ्य प्रणाली डिजिटलीकरण (भव्या) के लिए जिले के सभी आशा फेसिलेटर और आशा कार्यकर्ताओं को विकसित किए गए एम आशा एप्प से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पूर्णिया जिले में मुख्यालय स्थित जीएमसीएच सहित अन्य तीन प्रखंडों में शिविर आयोजित कर स्थानीय आशा फेसिलेटर को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच), पूर्णिया के आरटीपीसीआर भवन स्थित मीटिंग हॉल में पूर्णिया पूर्व श्रीनगर, के.नगर, कसबा, बनबनखी और जलालगढ़ के आशा फेसिलेटर को जबकि बायसी प्रखंड में संचालित प्रशिक्षण में बायसी और डगरुआ के आशा फेसिलेटर को, बैसा प्रखंड में बैसा और अमौर के आशा फेसिलेटर को तथा धमदाहा प्रखंड में धमदाहा, बी. कोठी, भवानीपुर और रुपौली के आशा फेसिलेटर को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सभी प्रशिक्षण शिविर में 08 जुलाई से 13 जुलाई 2024 तक ट्रेंड प्रशिक्षकों द्वारा आशा फेसिलेटर को एम एप्प की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों की 143 आशा फैसिलेटराें काे एम आशा एप का उपयाेग करने की जानकारी राज्य स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षण मैनेजर दुर्गा शंकर सिंह के साथ प्रशिक्षक रजनीश मेहता, अभिषेक सिंह, ओम प्रकाश सिंह, जयकृष्ण कुमार द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में पूर्णिया पूर्व से 10, श्रीनगर से 05, के नगर से 11, कसबा से 07, बनमनखी से 18, जलालगढ़ से 05, धमदाहा से 15, बड़हरा कोठी से 09, भवानीपुर से 07, रुपौली से 11, बैसा से 10 और अमौर से 16 आशा फैसिलेटर को ट्रेनिंग दिया जा रहा है।

क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी आशा कर्मियों द्वारा पोर्टल पर किया जाएगा दर्ज :

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प्रशिक्षण मैनेजर दुर्गा शंकर सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाेने वाली जन्म- मृत्यु, प्रसव, फाइलेरिया, मलेरिया, एर्ईएस, बुखार, डायरिया सहित कई अन्य प्रकार की बीमारियाें के अलावा अन्य गतिविधियाें काे इस डिजिटल एप्प से जोड़ा जा रहा है ताकि ग्रामीण इलाकों में किसी भी तरह के कार्यों को समय सीमा के अंदर पूरा करने में आशा कार्यकर्ताओ को किसी प्रकार से कोई दिक्कत नही हो सके। इसके लिए सभी आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देते हुए बताया जा रहा है कि क्षेत्र में विभिन्न स्वास्थ्य सुविधा की जानकारी एम आशा एप्प के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं द्वारा समय से पाेर्टल पर अपलाेड किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद आशा कार्यकर्ता खुद स्मार्ट बन जाएगी और उनके क्षेत्र में किसी भी मरीजों को नजदीकी अस्पताल से चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए पंजी बनाते हुए उसका संधारण करते हुए लिखने-पढने का झंझट नहीं रहेगा।

स्वास्थ्य विभाग के डिजिटल मिशन को घर घर तक पहुँचायेगी आशा कार्यकर्ता :

राज्य प्रशिक्षण हेड रुचि झा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के डिजिटल मिशन काे घर- घर तक पहुंचाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं काे स्मार्ट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत 08 जुलाई से लेकर 13 जुलाई तक जिले के विभिन्न अस्पतालों में प्रशिक्षकों द्वारा आशा फैसिलेटर काे एम आशा एप्प के उपयाेग करने के तौर तरीके से संबंधित जानकारी दी जा रही है। जिले की आशा कार्यकर्ता अब फाेन के मध्यम से एम- आशा एप्प द्वारा ग्रामीणों काे हाेने वाली बीमारियाें सहित अन्य प्रकार की स्वास्थ्य असुविधाओं काे सीधे पाेर्टल पर अपलाेड कर देगी। उन्होंने बताया कि भव्या एप्प के माध्यम से मरीजों को उपलब्ध तमाम तरह की सेवाएं पेपर लेस करने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण के साथ-साथ मरीजों को उपलब्ध सेवाओं की निगरानी व निरीक्षण की प्रक्रिया आसान होगी।

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