बिहार

जिले में फिलहाल संक्रमण का कोई मामला नहीं, बावजूद सतर्कता व सावधानी जरूरी

अररिया(रंजीत ठाकुर): कोरोना संक्रमण की संभावित चौथी लहर की आशंका बनी हुई है। इसे देखते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति ने जिलाधिकारी व सिविल सर्जन अलर्ट किया है। जांच व टीकाकरण को प्रमुखता देते हुए आपाताकालीन सेवाओं के बेहतर प्रबंधन को लेकर जरूरी निर्देश दिये गये हैं। नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए संबंधित सभी मामलों पर जिलाधिकारी की नजर है। कोरोना के संभावित मरीजों की ससमय पहचान व समुचित इलाज शुरू से ही संक्रमण के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण का महत्वपूर्ण जरिया रहा है। लिहाजा संभावित खतरों के बीच जांच की संख्या बढ़ाने पर विभाग का ध्यान केंद्रित है।

हर दिन 55 सौ एंटीजेन व 32 सौ आरटीपीसीआर जांच का लक्ष्य –

सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि राज्य स्तर से जिले को हर दिन 55 सौ रेपिड एंटीजेन व 32 सौ आरटीपीसीआर जांच का लक्ष्य प्राप्त है। मंगलवार को जिले में 1980 एंटीजेन व 1422 आरटीपीसीआर जांच होने की जानकारी उन्होंने दी। निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति को लेकर हर स्तर पर जरूरी कोशिशें की जा रही हैं। संबंधित अधिकारी व कर्मियों को इसे लेकर जरूरी निर्देश दिये गये हैं। जिले के प्रमुख रेलवे स्टेशन, भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर जांच के लिये कर्मी प्रतिनियुक्त किये गये हैं। संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है। फिलहाल जिले में संक्रमण का कोई मामला नहीं है। बावजूद इसके सावधानी व सतर्कता बनाये रखना जरूरी है।

फरवरी से जून माह तक 12 लाख लोगों का हुआ एंटीजेन टेस्ट-

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कोरोना जांच संबंधी मामलों की जानकारी देते हुए जिला मूल्यांकन व अनुश्रवण पदाधिकारी संतोष कुमार झा ने बताया कि फरवरी से जून माह के बीच जिले में 12 लाख से अधिक लोगों का एंटीजेन टेस्ट हुआ है। जिले में फरवरी में 42, 230, मार्च में 20, 622, अप्रैल में 24, 371, मई में 33, 068 व जून में 55, 668 लोगों की जांच हुई। इसमें दो दर्जन से अधिक संक्रमित मरीज मिले। जो फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस दौरान सबसे अधिक नरपतगंज में 1.31 लाख, फारबिसगंज में 1.27 लाख, अररिया सदर में 1.24 लाख, रानीगंज, कुर्साकांटा व जोकीहाट में प्रखंड में 1.13 लाख, सिकटी 1.10 लाख से अधिक लोगों का एंटीजेन टेस्ट हुआ है। वहीं सदर अस्पताल परिसर में संचालित आरटीपीसीआर लैब के माइक्रोबॉयोलोजिस्ट डॉ धीरज कुमार ने बताया कि अप्रैल से जून माह के अंत तक 78, 862 लोगों की आरटीपीसीआर जांच की गयी है। इसमें 09 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि लैब के जरिये हर दिन औसतन 14 सौ से अधिक सैंपलों की जांच हो रही है।

प्रथम डोज के मामले में जिले की उपलब्धि 80 फीसदी के करीब-

डीपीएम रेहान अशरफ ने बताया कि विभिन्न आयु वर्ग के निर्धारित 22.54 लाख की तुलना में 80 फीसदी लोगों को टीका का पहला, 86.8 फीसदी लोगों ने टीका की दूसरी डोज ले ली है। 12 से 14 साल आयु वर्ग के 55 फीसदी किशोरों ने टीका की पहली डोज ली है। 15 से 18 साल आयु वर्ग में प्रथम डोज में हमारी उपलब्धि 64.7 फीसदी व दूसरे डोज के मामले में उपलब्धि 62.2 फीसदी है। उन्होंने बताया कि बूस्टर डोज के योग्य 15 से 18 साल के 1.29 लाख किशोरों में 40 हजार किशोरों ने बूस्टर डोज की टीका ली है। वहीं 60 साल से अधिक उम्र के 69 हजार योग्य लाभुकों में महज 19 हजार ने प्रीकॉशन डोज की टीका ली है।

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